निमंतरण: पानी के अधिकार पर राष्ट्रीय अधिवेशन और कोका कोला के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन

निमंतरण

पानी के अधिकार पर राष्ट्रीय अधिवेशन

और

कोका कोला के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन

मेह्न्दिगंज, बनारस,

२८-३० मार्च २००८

पानी एक बुनियादी आवश्यकता है और जल-स्रोत पर अधिकार भी मूल अधिकार है, जो जीवित रहने के लिए आवश्यक है. बिना पानी के जीवित रहना मुमकिन नही है.

बिलियन लोगों को आज साफ पीनी योग्य पानी नही मिल पता. विशेषकर की आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को या जो अन्य तरीकों से शोषित हैं उनको, अपनी रोज़-मर्रा की जरुरत पूरा करने के लिए पानी नही मिल पता.

हालांकि united nations या संयुक्त राष्ट्र के मिल्लेन्नियम देवेलोप्मेंट गोअल्स या लक्ष्य के अनुसार २०१५ तक उन लोगों की संख्या आधी हो जाने चाहिए जिनको साफ पीने योग्य पानी नही मिल पता है. पर मजूदा हालत देख कर ऐसा नही लगता है की ये लक्ष्य हासिल करना सम्भव हो पायेगा.

पर्यावरण में बदलाव जिस तरीके से लोगों के प्राकृतिक संसाधन पर अधिकार को प्रभावित कर रहा है, पानी पर अधिकार को संग्रक्षित करना अत्यधिक मुश्किल होता जा रहा है. बढ़ती संख्या में लोग रोजाना पानी के लिए संघर्षरत हैं.

पानी पर अधिकार लोगों और समुदाओं से हट कर उन लोगों के हाथ में जा रहा है जो पानी पर आर्थिक मूल्य लगना चाहते हैं पानी के उद्योगपति!

हम लोग पानी का उद्योगीकरण का बहिष्कार करते हैं. किसको पाने का अधिकार मिले और किसे नही, ये बाज़ार नही तय करेगा.

भारत सरकार देसी और विदेसी कंपनियों को पानी का उद्योगीकरण करने के लिए खुली छूट दे रही हैं.

कोका कोला कंपनी इसका एक उदाहरण है जो लाखों लीटर पानी रोज़ जमीन के भीतर से निकलती है जिसके कारणवश ये पानी स्थानिये लोगों की पहुच से बाहर हो गया है.

कोका कोला के बोत्त्लिंग प्लांट से निकलने वाला कचरा आदि से पानी दोषित हो गया है जिसके लिए जिम्मेदार कोका कोला ही है.

मार्च २००४ से प्लाचीमाडा, केरला में, कोका कोला के बोत्त्लिंग प्लांट को लोगो ने बंद कर दिया है. कला डेरा राजस्थान में और मेह्न्दिगंज वाराणसी में भी लोग संघर्षरत हैं की कोका कोला के बोत्त्लिंग प्लांट बंद हो जाएं और स्थानिये लोगों को पानी नसीब हो.

भोपाल में १९८४ गैस कांड से प्रभावित लोग दिल्ली तक ८०० किलोमीटर से अधिक पैदल चलकर सामाजिक न्याय और पीने योग्य पानी की मांग कर रहे है.

हम लोगों की मांग है की लोगों को केन्द्र में रख कर उनकी समस्याओं का हल ढूँढा जाए. हमारा मानना है की स्थानिये लोगों को ही स्थानिये जल-स्रोत पर अधिकार होना चाहिए.

आप सब पानी के अधिकार पर राष्ट्रीय अधिवेशन में अमंतरित हैं जो २८-२९ मार्च २००८ को मेह्न्दिगंज वाराणसी में होगा. ३० मार्च २००८ को कोका कोला बोत्त्लिंग प्लांट तक मार्च निकलेगी और भारी प्रदर्शन होगा.

अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें:

नन्दलाल मास्टर, लोक समिति, मेह्दिगंज, भारत

फ़ोन: +९१ ९४१५३ ००५२०

ईमेल: napm_up@yahoo.com

संदीप पाण्डेय,

जन आन्दोलनों का राष्ट्रीय समन्वय या

National Alliance of Peoples Movements (NAPM), इंडिया

फ़ोन: +९१ ५२२ २३४७३६५

ईमेल: ashaashram@yahoo.com

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