राज्य सरकार के सिविल पेंशनर अपना हक जानें सूचना का अधिकार कानून का करिश्मा

दिनांक ०१.०१.१० के पूर्व वेतनमानों से सेवानिवृत्त सिविल पेंशनरों / पारिवारिक पेंशन का अभिनवीकरण संबंधित कोषागारों द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। श्री पी लाल अनुसचिव एवं जनसूचना अधिकारी .प्र. शासन वित्त सामान्य अनुभाग- संख्या सा-- १६४० /दस- २०१०-८६ सूचना /२०१० दिनांक- १४/०९/२०१० द्वारा कोषागार देवरिया के पेंशनर का व्यास मुनि मिश्र का संशोधित यह सूचना उपलब्ध कराई गई है शासन का कार्यालय ज्ञाप संख्या सा- -१३५८ -दस - २०१० दिनांक -१९.०७.१० द्वारा प्रतिस्थापित व्यवस्था के आधार प्र दिनांक -०१/०१/२००६ के पूर्व सेवा निवृत राज्य सरकार के सिविल पेंशनरों / पारिवारिक पेंशनरों के २१ वेतनमानों के पेंशन / पारिवारिक पेंशन का अभिनवीकरण दिनांक - ०१-०१-०६ से किया जाएगा।

यह ज्ञातव्य है कि इसके पूर्व इसी जनसूचना अधिकारी श्री पी लाल द्वारा उत्तर प्रदेश शासन वित सामान्य अनुभाग -३ के संख्या सा-९९ सूचना-/ दस -२०१० -८६
सूचना / २०१० दिनांक ०९-०८-१० द्वारा श्री मिश्र को सूचना उपलब्ध कराई गई थी उसमें उल्लेखित है कि वांछित सूचना, सूचना के अधिकार अधिनियम २००५ की धारा-२ च के परिभाषा से आच्छादित नहीं है के विरुद्ध है । श्री मिश्र ने लोक प्राधिकारियों के बाध्यकारी कर्त्तव्यों / दायित्तवों की की धारा -३,४,६ व ७ में निहित प्राविधानों का सही अनुपालन न किये जाने के कारण आवेदक को सूचना के अधिकार से वंचित रखने वाली सूचना पुष्ट करते हुए अपनी आपत्ति दिनांक २४-०८-१० प्रस्तुत किया था साथ ही साथ धारा - धारा परिभाषाएं को उद्धत कर उससे आच्छादित सिद्ध किया था।

यह उल्लेखनीय है कि का व्यास मुनि मिश्र ने सूचना उपलब्ध कराने के आवेदन पत्र दिनांक २७-०१-१० द्वारा राज्य सरकार के सिविल पेशनरों के पेंशन / पारिवारिक पेंशन के अभिनवीकरण हेतु अनुमन्य एवं उसके सुचारू रूप से क्रियान्वयन और आवश्यक स्पष्टीकरण के संबंध में जारी शासन देशों के विषय वस्तु का उल्लेख करते हुए कोषागार देवरिया से ४ बिन्दुओं पर संदर्भ के सर्वथा अपेक्षित सूचना की जो मांग की थी उसके स्थान पर वरिष्ठ कोषाधिकारी देवरिया के पत्रांक १६०९ दिनांक ११-०२-१० द्वारा अपना प्रतिवाद उपलब्ध कराया गया। इस प्रतिवाद के बिंदु -४ में यह उल्लेख किया गया है कि क्रम सं० ४ में अंकित पेंशन निर्धारण का विवरण शासना देश दिनांक ०७-०१-०९ के पैरा -२ के अनुसार त्रुटिपूर्ण है कि छाया प्रति संलग्न करते हुए का मिश्र ने त्रुटि- सुधार हेतु वित सामान्य अनुभाग -३ उत्तर प्रदेश शासन को संदर्मिकर दिया था।

का० व्यासमुनि मिश्र एन.ए.पी.एम. द्वारा सूचना जानने का हक के प्रचार-प्रसार चलाये जाने वाले जागरूकता अभियान से जुड़े हैं।

-केशव चन्द्र बैरागी

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