दवा-प्रतिरोधक टीबी: क्या नवीनतम जाँच-इलाज सभी जरूरतमंदों तक पहुँच रहे हैं?

[English] दवा-प्रतिरोधक टीबी सम्बंधित जाँच और इलाज में जो शोध पिछले दशक में हुए हैं वह निसंदेह सराहनीय हैं। पर क्या हम इन नवीनतम पक्की जाँच से हर दवा-प्रतिरोधक टीबी से ग्रसित व्यक्ति को चिन्हित कर पा रहे हैं? क्या हम हर जरूरतमंद की नवीनतम बेहतर उपचार से इलाज कर पा रहे हैं?

महामारी से बचने के लिए वैश्विक संधि को मुनाफ़ाख़ोरों से कैसे बचाएँ?

संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च स्वास्थ्य संस्था (विश्व स्वास्थ्य संगठन) महामारी आपदा प्रबंधन और महामारी से बचाव के लिए वैश्विक संधि बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। जन सुनवाई हो रही हैं और सरकारों द्वारा आधिकारिक संवाद आगे बढ़ रहा है। पर आरम्भ से ही यह प्रक्रिया संदेह उत्पन्न कर रही है क्योंकि सबको आधिकारिक रूप से अपनी बात कहने का अवसर नहीं मिल रहा है। २०० से अधिक संस्थाओं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और कानूनविद ने सरकारों से अपील की है कि प्रभावकारी संधि बनाने के लिए यह ज़रूरी है कि सभी को अपनी बात कहने का मौक़ा मिले और जिन लोगों ने महामारी के दौरान भी मुनाफ़ाख़ोरी की है उनको संधि प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करने दिया जाए।

जब हर एचआईवी पॉज़िटिव व्यक्ति को जीवनरक्षक दवाएँ मिलेंगी तभी एड्स उन्मूलन सम्भव है

[English] हर एचआईवी पॉज़िटिव इंसान को सही जाँच से यह पता होना चाहिए कि वह एचआईवी पॉज़िटिव है, सबको जीवनरक्षक एंटीरेट्रोवाइरल दवाएँ मिलें, और सभी का वाइरल लोड नगण्य रहे, तब ही एड्स उन्मूलन सम्भव है। न सिर्फ़ सभी एचआईवी के साथ जीवित लोग पूर्ण ज़िंदगी जी सकेंगे बल्कि एचआईवी के फैलाव पर भी रोकधाम लगेगा। एक ओर जहां नए एचआईवी सम्बंधित शोध को तेज करने की ज़रूरत है जिससे कि अधिक प्रभावकारी जाँच, इलाज और बचाव साधन हम सब को मिलें, वहीं यह भी सच है कि हर एक को जाँच, एंटीरेट्रोवाइरल दवा और वाइरल लोड नियंत्रित करने की सेवा देना आज मुमकिन है - जिससे कि एड्स उन्मूलन की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ें।

टीबी उन्मूलन के लिए तम्बाकू उन्मूलन और ग़ैर-संक्रामक रोग नियंत्रण ज़रूरी

[English] भारत सरकार ने 2025 तक (45 माह शेष) और दुनिया के सभी देशों ने 2030 तक (105 माह शेष) टीबी उन्मूलन के सपने को साकार करने का वादा किया है। परंतु जब तक वह अनेक कारण जो टीबी रोग होने का ख़तरा बढ़ाते हैं, जाँच में मुश्किल पैदा करते हैं, उपचार निष्फल करते हैं, और टीबी से मृत्यु तक का ख़तरा बढ़ाते हैं – जब तक ऐसे कारणों पर अंकुश नहीं लगेगा, तब तक टीबी उन्मूलन कैसे मुमकिन होगा?

[विडियो] जब मोटर गाड़ी की तेज गति से होती हैं सबसे घातक सड़क दुर्घटनाएँ तो गति सीमा कम क्यों नहीं की जा रही?

एशिया के कुछ देशों में कोविड बढ़ोतरी पर: संक्रमण नियंत्रण और जन-स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार हैं ज़रूरी

[English] हालाँकि एशिया के कुछ देशों में कोविड से संक्रमित लोगों की संख्या में फिर से बढ़ोतरी होने लगी है, इसके बावजूद अनेक देशों ने कोविड नियंत्रण नियमों में ढिलाई करनी आरम्भ कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि महामारी का अंत अभी दूर है, इसलिए संक्रमण नियंत्रण के साथ ही सामान्य जीवन यापन करना सर्वोपरि रहेगा। सरकारों को जन स्वास्थ्य प्रणाली को सशक्त करना चाहिए, और रोग नियंत्रण पर अत्याधिक ध्यान देना चाहिए। 

बिना युद्ध विराम और शांति के कैसे होगी स्वास्थ्य सुरक्षा?

[English] वैश्विक स्तर पर कोविड महामारी की जन स्वास्थ्य आपदा चल रही है, पर जब अस्पताल पर बमबारी हो रही हो तो ऐसे में स्वास्थ्य सुरक्षा की बात करना कितना बेमायने है। यदि स्वास्थ्य सुरक्षा प्राथमिकता है तो यूक्रेन और रूस के मध्य तुरंत युद्ध विराम हो और शांति क़ायम हो। संवाद से समस्याओं का हल निकले क्योंकि युद्ध से समस्याएँ सुलझती नहीं बल्कि और जटिल हो जाती हैं।

तम्बाकू उत्पाद पर चित्रमय चेतावनी से कम होता है तम्बाकू सेवन

[English] सिर्फ़ दो तरह से तम्बाकू सेवन कम हो सकता है: नए बच्चे-युवा तम्बाकू सेवन शुरू न करें, और जो लोग तम्बाकू व्यसनी हैं वह नशा-मुक्त हों। तम्बाकू उत्पाद के पैकेट पर प्रभावकारी चित्रमय चेतावनी से, यह दोनों लक्ष्य पूरे करने में मदद होती है इसीलिए यह जन स्वास्थ्य की दृष्टि से प्रभावकारी नीति है परंतु तम्बाकू उद्योग को नहीं 'पसंद' क्योंकि उसके मुनाफ़े की क्षति होती है। यह कहना है डॉ तारा सिंह बाम का जो सुप्रसिद्ध तम्बाकू नियंत्रण विशेषज्ञ हैं और इंटरनैशनल यूनियन अगेन्स्ट टुबर्क्युलोसिस एंड लंग डिज़ीज़ (द यूनियन) के एशिया पैसिफ़िक निदेशक हैं।