आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं की शहादत को श्रद्धांजलि

देश भर में लगातार हो रही आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं की ह्त्या उत्पीड़न के मामलों में खासी वृद्धि हुई है। एक तरफ जहाँ सरकार सूचना अधिकार अधिनियम कों फैलाने और विभागों में पारदर्शिता लाने की नसीहत दे रही है। वही दूसरी ओर आम जनता को किसी भी मामलें में सूचना देकर उसका उत्पीड़न किया जा रहा है। बीते कुछ महीनों में आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं की ताबड़तोड़ हुई हत्यों से देश भर के सामाजिक संगठनों में रोष व्याप्त है। गौरतलब है की अहमदाबाद के आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं ने गिरी के जंगलो में हो रही अवैध कटान के खिलाफ आर.टी.आई. का इस्तेमाल कर एक जन आन्दोलन खड़ा किया। जो कटान माफियाओं को नागवार गुजरा ओर २० जुलाई २०१० को इस आर.टी.आई. कार्यकर्ता अमित जाठवा की अहमदाबाद हाई कोर्ट के सामने गोली मारकर ह्त्या कर दी गई। वहीं मराठवाड़ा में काम कर रहें आर.टी.आई. कार्यकर्ता रामदास पाटिल जो वहन पर अवैध बालू खनन ओर सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आर.टी.आई. का इस्तेमाल कर एक जन संघर्ष चला रहे थे, उनकी भी हाल ही में २७ अगस्त २०१० को मुम्बई में ह्त्या कर दी गई। दिन पर दिन सूचना मांगने पर मिलती मौत साथ ही उत्पीड़न के खिलाफ दिन पर दिन सूचना मांगने पर मिलती मौत साथ ही उत्पीड़न के खिलाफ और RTI कार्यकर्ताओं की शहादत कों याद करते हुए आज सितम्बर २०१० कों शाम बजे गाँधी प्रतिमा फूलबाग में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

आज की शहादत श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत मिनट का मौन रखकर शुरू की गयी। इसके बाद अपना घर के बच्चों ने गायेगा गायेगा ज़माना गायेगा गीत गाकर गोष्ठी की शुरुआत की गोष्ठी के दौरान सरकार और जन प्रतिनिधियों से ये अपील की गई कि हत्यारोपियों को कठोर से कठोर सजा दिया जाय और देश हित में जान गंवाने वाले इन शहीद आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाय। साथ ही ये भी मांग की गई कि आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं की ह्त्या और उत्पीडन रोकने के लिए सरकार कोई गंभीर कदम उठाये जिससे सूचना अधिकार अधिनियम का इस्तेमाल आम आदमी बेखौफ होकर कर सके। सभा में कुलदीप सक्सेना ने कहा कि आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं की ह्त्या सिर्फ व्यक्ति की ह्त्या नही बल्कि ये लोकतंत्र की ह्त्या है और हम सभी इसका पुरजोर विरोध करते है। दीपक मालवीय जी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं की शहादत की सच्ची श्रद्धांजलि सही अर्थों में तभी होगी जब इस दश का हर व्यक्ति आर.टी.आई. का इस्तेमाल करेगा। विजय चावला जी ने कहा कि ये लोकतंत्र पर बड़ा हमला है। हमें इन साजिशों के अन्य तथ्यों को भी समझना पड़ेगा तभी हम इन ताकतों के खिलाफ सही तरीके से लड़ सकेंगे। आर.टी.आई. कार्यकर्ता नरेश ने कहा कि अमिज जाठवा और रामदास पाटिल की शहादत को हम बेकार नही जाने देंगे। इनकी खून की एक एक बूंद भ्रष्टाचार की ताबूत में अंतिम कील साबित होगी।

गिरिराज किशोर जी द्वारा मोमबत्ती जलाकर शहीद हुए आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं कों सच्चें अर्थों में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मोमबत्ती जलाने के कार्यक्रम के दौरान जगदम्बा भाई ने गाँधी जी का प्रिय भजन रघुपति राघव राजाराम गाया। महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी स्थानीय प्रशासन के माध्यम से भेजा गया।

आज के इस श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से गिरिराज किशोर, कुलदीप सक्सेना, विजय चावला, विष्णु शुक्ला, दीपक मालवीय, आर.के. तिवारी शंकर सिंह, नीरजा, डॉ. ए. सिद्दकी, इस्लाम आजाद, विष्णु अग्रवाल, नरेश, दीनदयाल, महेश पाण्डे आदि ने शिरकत की। आज के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सूचना का अधिकार अभियान उत्तर प्रदेश जन चेतना कला मंच, लोक सेवक मडंल, जन सूचना जागृति मिशन, सूचना जनहिताय जागरूकता केंद्र, सोवियर, एन.ए .पी.एम, आशा, श्रामिक भारती, चित्रगुप्त सभा और अन्य मजदुर संगठन तथा जन सगंठनों ने प्रमुख रूप से भागीदारी की।
महेश

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