स्वस्थ्य फेफड़े पर जागरुकता बढ़ाने के लिये समर्पित वर्ष २०१० में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस 'द यूनियन' के लिये केंद्रीय बिंदु है

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डॉ एहसान लतीफ़
वर्तमान निदेशक, तम्बाकू नियंत्रण, द यूनियन
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स्वस्थ्य फेफड़े पर जागरुकता बढ़ाने के लिये समर्पित वर्ष २०१० में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस ' यूनियनके लिये केंद्रीय बिंदु है

स्वस्थ्य फेफड़े पर जागरुकता बढ़ाने के लिये समर्पित वर्ष २०१० में, विश्व तम्बाकू निषेध दिवस, The International Union Against Tuberculosis and Lung Disease (द यूनियन) के लिये केंद्रीय बिंदु है. शोध के अनुसार, फेफड़े के रोगों की वजह से होने वाली ५० प्रतिशत मृत्यु तम्बाकू सेवन से जुडी हुई हैं.

डॉ नील्स बिल्लो, जो द यूनियन के निदेशक हैं और फोरम ऑफ़ इंटरनैशनल रेसपिराट्री सोसाइटीस (ऍफ़.आई.आर.एस) के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि "विश्व स्तर पर फेफड़े के स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिये तम्बाकू नियंत्रण को सशक्त करना सबसे महत्त्वपूर्ण एकमात्र कदम है." ऍफ़.आई.आर.एस ही स्वस्थ्य फेफड़े पर जागरुकता बढ़ाने के लिये समर्पित वर्ष २०१० का प्रायोजक है. डॉ नील्स बिल्लो ने कहा कि "जिन मृत्यु से बचाव मुमकिन है, तम्बाकू उनका सबसे बड़ा कारण है. विश्व में तम्बाकू की वजह से ५० लाख से अधिक पुरुष, महिलाएं और बच्चों की मृत्यु होती है."

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यदि तम्बाकू नियंत्रण को प्रभावकारी नहीं बनाया गया, तो २०३० तक तम्बाकू से होने वाली मृत्यु का दर ५० लाख से बढ़ कर ८० लाख हो जायेगा, और आने वाले ५० सालों में ५२ करोड़ लोगों की मृत्यु तम्बाकू से होगी.

द यूनियन, पिछले २५ सालों से निरंतर तम्बाकू नियंत्रण पर कार्यवत रही है, और विभिन्न देशों में, जो धूम्रपान रहित नीतियाँ लागू करना चाहते हैं, स्वास्थ्यकर्मियों को तम्बाकू नशा उन्मूलन में प्रशिक्षित करना चाहते हैं, और समाज में तम्बाकू से होने वाले तम्बाकू जनित कुप्रभावों के प्रति जागरुकता बढ़ाना चाहते हैं, ऐसे देशों में द यूनियन सक्रिय है और तकनीकि सहायता, शिक्षा और शोध सम्बंधित कार्य करती आई है.

- २००७ से, द यूनियन, 'Bloomberg Initiative to reduce tobacco use' (तम्बाकू सेवन घटाने के लिये ब्लूमबर्ग पहल) की भी पार्टनर है, जो ३७५ मिलियन अमरीकी डालर का ब्लूमबर्ग फिलान्थ्रोपीस द्वारा आर्थिक सहायता प्राप्त कदम है.

- अपने छेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से, यूरोप, दक्षिण एवं केंद्रीय अम्रीका, दक्षिण-पूर्वी एशिया, मध्य-पूर्वी राष्ट्रों, और एशिया-पसिफिक में द यूनियन सक्रिय हैं और इन छेत्रों में १४ सबसे बड़े तम्बाकू सेवन करने वाले देशों की सरकारों के साथ प्रभावकारी तम्बाकू नियंत्रण नीतियाँ बनाने के लिये कार्यवत है.

- २००७ से द यूनियन, जो ब्लूमबर्ग पहल आर्थिक सहायता कार्यक्रम की सह-व्यवस्थापक है, ने ७३ स्वयं सेवी संस्थाओं को और २७ देशों की सरकारों को आर्थिक सहायता प्रदान की है जिससे कि इन देशों में तम्बाकू नियंत्रण सशक्त हो सके.

- २००७ से १४ देशों में निरंतर तकनीकि और प्रभंधन से जुड़े हुए कोर्सों को स्थापित करने का काम जिससे कि तम्बाकू नियंत्रण संस्थाओं की योग्यता बढ़ सके, द यूनियन ने बड़ी कुशलता से किया है.

- तम्बाकू नियंत्रण के लिये समर्पित लोग, द यूनियन, की वेबसाइट से अनेक जानकारी और अन्य प्रकाशन नि:शुल्क प्राप्त कर सकते हैं: www.tobaccofreeunion.org. इनमें शामिल हैं: धूम्रपान रहित स्वास्थ्य व्यवस्था स्थापित करने के लिये तकनीकि गाइड, स्कूल एवं खेल से सम्बंधित कार्यक्रम, धूम्रपान रहित शहरों पर गाइड,  अर्थ-व्यवस्था से जुडी रपट. फैक्टशीट, और अन्य जानकारी.

विश्व स्वास्थ्य संगठन इस साल विश्व तम्बाकू निषेध दिवस २०१०, 'जेंडर एवं तम्बाकू: महिलों को निशाने पर रख कर होने वाली तम्बाकू मार्केटिंग' के केंद्रीय विचार पर मना रहा है.

डॉ नील्स बिल्लो ने कहा कि "अनेकों देशों में, महिलाओं ने परंपरागत तम्बाकू सेवन नहीं किया है, और तम्बाकू उद्योग उन्हें ऐसे-बाज़ार-जिसे-भुनाया-नहीं-गया-है की तरह निशाने पर ले रही है."

डॉ नील्स बिल्लो ने कहा कि "महिलाओं में तम्बाकू सेवन बढ़ाने के इन प्रयासों को रोकने के लिये और तम्बाकू-जनित-रोगों की महामारी को पलटने के लिये द यूनियन समर्पित है."

हालाँकि, फिलहाल महिलाओं में धूम्रपान का अनुपात सिर्फ २० प्रतिशत है, तम्बाकू महामारी का खतरा महिलाओं पर बढ़ता ही जा रहा है. तम्बाकू उद्योग भ्रामक तरीकों से तम्बाकू सेवन को मार्केट करता है, और तम्बाकू सेवन को ग्लैमर, महिला स्वतंत्रता और फैशन से जोड़ता है. इसीलिए जहां कुछ देशों में तम्बाकू सेवन का दर पुरुषों में कम हो रहा है, वहीँ महिलाओं में तम्बाकू सेवन बढ़ रहा है. तम्बाकू चबाना, शीशा और तम्बाकू सेवन के अन्य तरीके भी महिलाओं में तम्बाकू सेवन को बढ़ा रहे हैं.

विश्व स्तर पर, महिलाएं पर परोक्ष धूम्रपान का खतरा भी मंडरा रहा है. परोक्ष धूम्रपान से होने वाली ६४% मृत्यु महिलाओं में ही होती है.

डॉ एहसान लतीफ़, जो द यूनियन के तम्बाकू नियंत्रण विभाग के वर्तमान निदेशक हैं, उनका कहना है कि "महिलाओं को तम्बाकू महामारी से बचाने के लिये यह जरूरी है कि सरकारें तम्बाकू विज्ञापन पर प्रतिबन्ध लगायें, और धूम्रपान रहित नीतियों को लागू करें. द यूनियन प्रभावकारी तम्बाकू नियंत्रण के लिये अन्य नीतियों का भी समर्थन करता है जिसमे हर तम्बाकू उत्पाद पर कर बढ़ाना, चित्रमय चेतावनी द्वारा तम्बाकू जनित कुप्रभावों की जानकारी देना आदि शामिल हैं."

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस २०१० पर अधिक जानकारी के लिये, कृपया यहाँ क्लिक करें: http://www.who.int/tobacco/wntd/2010/announcement/en/index.html

तम्बाकू महामारी एवं तम्बाकू नियंत्रण पर अधिक जानकारी के लिये:
- विश्व स्वास्थ्य संगठन की विश्व तम्बाकू महामारी रपट २००९
www.who.int/tobacco/mpower/2009/en/index.html
- द तम्बाकू अटलस, www.TobaccoAtlas.org
- द यूनियन द्वारा तम्बाकू नियंत्रण पर जागरुकता सामग्री:
www.tobaccofreeunion.org