लिंग-जनित भेदभाव समाप्त हो: स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं

[English] ‘जेंडर’ या ‘सामाजिक लिंग’ जनित भेदभाव और असमानता सभी महिलाओं और पुरुषों के जीवन को प्रभावित करती है और अनैतिक और भ्रामक प्रत्यक्ष/ अप्रत्यक्ष विज्ञापनों से कैसे हमारी जीवनशैली हमको जानलेवा रोगों की ओर ले जा रही है, इन्हीं मुद्दों पर शेरवुड कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, रिसर्च और टेक्नॉलॉजी, फ़ैज़ाबाद रोड,बाराबंकी, में छात्रों  और शिक्षकों के साथ परिचर्चा हुई।

असोशिएशन फॉर अडवोकेसी एंड लीगल इनीशियाटिव्स (आली) की सामाजिक कार्यकर्ता डॉ फ़रजाना ने बताया कि महिलाओं और पुरुषों दोनों को ही अधिकार है कि सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जी सकें। सामाजिक लिंग, या जेंडर जनित भेदभाव अक्सर महिलाओं को असमानता झेलने पर मजबूर कर देता है और इसके लिए महिलाओं और पुरुषों दोनों को जागरूक होना चाहिए और सामाजिक बदलाव लाने के लिए सक्रीय  रहना चाहिए।

'नागरिकों का स्वस्थ लखनऊ' अभियान के समन्वयक राहुल कुमार द्विवेदी ने कहा कि गैर संक्रामक रोगों का अनुपात चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है और भारत में 2/3 होने वाली मृत्यु का कारण गैर संक्रामक रोग ही हैं, जैसे कि हृदय रोग, कैंसर, श्वास संबंधी रोग, मधुमेह, आदि। गौर करना चाहिए कि इन सब जानलेवा रोगों का खतरा बढ़ाने वाला एक समान कारण है – तंबाकू सेवन। जो लोग तंबाकू सेवन करते हैं उनको कैंसर होने की संभावना 5 गुना अधिक होती है।

राहुल कुमार द्विवेदी का संदेश स्पष्ट था: तंबाकू और शराब सेवन न करें, रोजाना व्यायाम करें, पौष्टिक और संतुलित आहार लें, और फास्ट फूड से बचें। सामाजिक लिंग या जेंडर जनित भेदभाव न करें क्योंकि यह महिलाओं को गरिमा से जीने नहीं देता, उनके अधिकार मारता है और उन्हे अनेक रोगों के प्रति धकेलता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अंतर्राष्ट्रीय पुरुस्कार प्राप्त बाबी रमाकांत ने कहा कि यदि बच्चे और युवा वर्ग तंबाकू सेवन करते हैं तो इससे तंबाकू उद्योग का ही अकेले मुनाफा होता है । तंबाकू से जो राजस्व भारत सरकार को प्राप्त होता है वो तंबाकू जनित जानलेवा बीमारियों के इलाज में व्यय होने वाले धन से बहुत कम है। यदपि तंबाकू सेवन से जानलेवा गैर संक्रामक रोग (कैंसर, हृदय रोग, आदि) का खतरा कई गुना बढ़ता है, तंबाकू उद्योग ऐसे  खतरनाक उत्पाद बनाता जा रहा है।

इस परिचर्चा को ‘नागरिकों का स्वस्थ लखनऊ अभियान’, आशा परिवार, ‘आली’, इंडियन सोसाइटी अगेन्स्ट स्मोकिंग ने आयोजित किया था।

सी.एन.एस.

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