जनराजनीति की ताकतें हुयी एकसाथ

राष्ट्रीय ओलमा कौसिंल, सीपीएम, सोशलिस्ट पार्टी तथा जन संघर्ष मोर्चा के घटक दल उत्तर प्रदेश के आगामी विधान सभा चुनाव में मिलकर चुनाव लड़ेंगे और एक दूसरे के प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार अभियान चलायेगें।

प्रदेश की जनता कांग्रेस-भाजपा, सपा-बसपा की तमाम यात्राओं, रैली और आम सभाओं व उनकी भारी-भरकम घोषणाओं में दिलचस्पी नहीं ले रही है। साथ ही बहुरंगी छोटे दलों और उनके रोज बनते बिगड़ते मोर्चो को न केवल अवसरवादी बल्कि अपराधियों-माफियाओं की नयी शरणस्थली के रूप में देख रही है। इन परिस्थितियों में कारपोरेट, भ्रष्ट और माफिया राजनीति के खिलाफ बलवती हो रही जनता की नई राजनीति की आकांक्षा को ध्यान में रखते हुए यह तय किया गया कि जनराजनीति की सभी ताकतों  को चुनावी संघर्ष में भी साथ लेकर चला जाए और प्रदेश में नया राजनीतिक वातावरण तैयार किया जाए। हमारा यह दृढ़मत है कि चुनाव भी सामाजिक परिवर्तन की लड़ाई का एक औजार है और जनता के राजनीतिक संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिये ही हमें चुनाव लड़ना है। इसलिए कांग्रेस-भाजपा, सपा-बसपा की जन-विरोधी एवं लोकतंत्र-विरोधी कारपोरेट राजनीति को शिकस्त देना और राजनीति को मोलतोल तथा धंधा के रूप में लेने वाली ताकतों के तथाकथित मोर्चो के घोर अवसरवाद का भण्डाफोड़ करना और जनवादी राजनीति को विकल्प के रूप में खड़ा करना हमारा फौरी कार्यभार है। इसी मकसद को आगे बढ़ाने के लिए हम चुनाव में एक साथ उतर रहे है। इस चुनाव में मजदूर, किसान, कर्मचारी, व्यापारी और छात्र युवाओं के मुद्दों के साथ दलित, अति पिछड़ों, मुसलमानों व अन्य उत्पीड़ित तबकों के अधिकारों के सवाल को मजबूती से उठाया जायेगा।

आमिर रशादी मदानी, राष्ट्रिय ओलमा कौसिंलः एस.पी. कश्यप, भारत की कम्युनिस्ट  पार्टी (मार्क्सवादी): गिरीष पाण्डेय,  सोशलिस्ट  पार्टी (इंडिया): कौशल किशोर, कम्युनिस्ट पार्टीः मोहम्मद शोएब, जनसंघर्ष  मोर्चा 

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