ज़िन्दगी चुने, तम्बाकू नहीं!

चूँकि अधिकाँश तम्बाकू नशा युवावस्था में आरंभ होता है, इसीलिए आवश्यक है कि बच्चों और युवतियों/ युवाओं को तम्बाकू-जनित रोगों, विकृतियों और मृत्यु से सम्बंधित जानकारी हो जिससे कि वो ज़िन्दगी चुने, और तम्बाकू नहीं - कहना है प्रोफेसर (डॉ) रमा कान्त का जो अखिल भारतीय शल्य-चिकित्सकों के संगठन के निर्वाचित अध्यक्ष हैं. प्रोफेसर (डॉ) रमा कान्त, इंदिरा नगर बी-ब्लाक स्थित स्प्रिंग डेल कॉलेज में आयोजित "तम्बाकू मुक्त जीवनशैली पर परिचर्चा" में छात्रों-शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे. प्रोफेसर (डॉ) रमा कान्त भारत के पहले सर्जन हैं जिन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने २००५ में अंतर्राष्ट्रीय पुरुस्कार से नवाज़ा.

छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय के भूतपूर्व सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ) रमा कान्त ने कहा कि "अनेक जान लेवा और गंभीर रोगों का तम्बाकू जनक है जैसे कि हृदय रोग, कैंसर, फेफड़े के रोग, आदि, जिससे पूर्णतया: बचाव मुमकिन है."

सी-ब्लाक चौराहे इंदिरा नगर पर स्थित "पाइल्स (बवासीर) टू स्माइल्स" क्लिनिक एवं शाहमीना रोड स्थित सिप्स अस्पताल के निदेशक प्रोफेसर (डॉ) रमा कान्त ने कहा कि "हर वर्ष भारत में ही दस लाख लोगों की तम्बाकू के कारण मृत्यु होती है. मौजूदा जो लोग तम्बाकू का सेवन कर रहे हैं, उनमें से ५० प्रतिशत लोगों की मृत्यु तम्बाकू जनित कारणों से ही होगी."

मुंबई की दंत विशेषज्ञ डॉ शिवानी शर्मा ने कहा कि "मुंह के कैंसर का तम्बाकू एक बड़ा कारण है. तम्बाकू-जनित मुंह-के-कैंसर के खतरे को कम करने के लिये तम्बाकू सेवन को बिना-विलम्ब त्यागना आवश्यक है."

डॉ शिवानी शर्मा ने कहा कि "जिन लोगों में कैंसर-से-पहले वाली स्थिति होती है, उन्हें तुरंत तम्बाकू सेवन बंद करना चाहिए और दन्त विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए जिससे कि मुंह के कैंसर होने की सम्भावना कम हो सके."

प्रोफेसर (डॉ) रमा कान्त ने कहा कि "तम्बाकू व्यसनियों को नशा मुक्ति के लिये विशेषज्ञों से मदद लेनी चाहिए. शोध के अनुसार अक्सर तम्बाकू सेवन करने वाले लोग तम्बाकू-जनित रोगों, विकृतियों और मृत्यु से अनभिज्ञ होते हैं. जो तम्बाकू व्यसनी इन खतरों को संजीदगी से समझते हैं, उनकी नशा-मुक्त होने की सम्भावना अधिक होती है."

इस कार्यक्रम में लखनऊ के अन्य जाने-माने लोग उपस्थित थे जिनमें राहुल कुमार द्विवेदी, शोभा शुक्ला, रितेश आर्य, आनंद पाठक, प्रमुख थे. इस कार्यक्रम को नागरिकों का स्वस्थ लखनऊ अभियान, इंडियन सोसाइटी अगेंस्ट स्मोकिंग,  अभिनव भारत फाउनडेशन, और आशा परिवार ने संयुक्त रूप से आयोजित किया था.

सी.एन.एस

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