'मैंने सिगरेट पीना छोड़ दिया है……वाकई' कहना है शाहरुख़ खान का

पता नहीं इस बार शाहरुख़ खान अपना सिगरेट छोड़ने का वायदा निभा पायेंगे या नहीं. पर उनके इस प्रण का आमजनता पर मिला जुला असर हुआ है.
एक आई. टी. मैनेजर के अनुसार धूम्रपान की लत तो आसानी से पड़ जाती है पर उसे छोड़ना कठिन होता है.
टेलिकॉम कंपनी में काम करने वाले एक उच्च पदाधिकारी के अनुसार (जो अमित एक धूम्रपानी हैं) इस ल़त कोछोड़ देना वास्तव में एक अच्छी बात है। पर उनके अनुसार जहाँ तक शाहरुख खान की बात है, उनकी प्रतिज्ञाकेवल तोड़ने के लिए ही करी जाती हैं। अभी यह कहना मुश्किल होगा कि वो वास्तव में इस बुरी आदत पर काबू पासकेंगे या नहीं।
एक व्यवसाई के अनुसार धूम्रपान छोड़ने में केवल पक्के इरादे की ही आवश्यकता नहीं होती, वरन उसे छोड़ने परजिन शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ता है वो भी विचारणीय है। शाहरुख़ खान के पास तो इससे निपटने केलिए डाक्टरों की पूरी टीम है, पर आम जनता के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं है. फिर भी धूम्रपान छोड़ने काइरादा एक सराहनीय प्रयास है, विशेष कर जब यह प्रतिज्ञा एक फ़िल्म स्टार के द्वारा की गई हो तो उसका असरउनके प्रशंसको पर अवश्य पड़ेगा.
अप्रत्यक्ष धूम्रपान करने वाले भी शाहरुख़ केधूम्रपान छोड़ो' प्रतिज्ञा से प्रसन्न हैं.
एक धूम्रपान निषेध केन्द्र के संस्थापक के अनुसार, शाहरुख़ खान के प्रशंसक उनके इस प्रयास से अवश्य लाभउठाएंगे , यदि शाहरुख़ अपनी प्रतिज्ञा पर अटल रहे. पर यदि वे आम जनता की कसौटी पर खरे नही उतरते, औरसिगरेट पीना नहीं छोड़ते तो समाज के युवा वर्ग के लिए यह एक गलत संकेत होगा।

अमित द्विवेदी
सिटिज़न न्यूज़ सर्विस के विशेष संवाददाता

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