'दो कदम पीछे फिर एक आगे' जैसा हाल है यूपी में तम्बाकू पर वैट का

[English] जुलाई २०१२ में उत्तर प्रदेश सरकार ने तम्बाकू उत्पादनों पर वैट को बढ़ा कर ५०% किया था पर फिर वापस २५% कर दिया था. हाल ही में सरकार ने फिर से वैट बढ़ाया है जो सराहनीय कदम है और बढ़ा कर ४०% कर दिया है.स्वास्थ्य को वोट अभियान के राहुल द्विवेदी कहते हैं कि "वैट की इस बढ़ोतरी को देख कर लगता है कि हम लोग 'दो कदम पीछे और एक कदम आगे' जैसे कार्य कर रहे हैं जब कि टाटा कैंसर अस्पताल में तम्बाकू जनित कैंसर के अधिकाँश रोगी उत्तर प्रदेश से ही हैं."

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सिगरेट की तुलना में पुरुष ५ गुना अधिक बीड़ी पीते हैं, और बीड़ी पीना १८ गुना अधिक महिलाओं में प्रचलित है. द्विवेदी ने कहा "जाहिर है कि बीड़ी (और सभी तम्बाकू उत्पादों) पर वैट भी बढ़ना चाहिए. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खुली सिगरेट के विक्रय को प्रतिबंधित करना जन स्वास्थ्य की दृष्टि से सही कदम है और हम उसका समर्थन करते हैं."

विश्व स्वास्थ्य संगठन के फ्रेमवर्क कन्वेंशन आन तंबाकू कण्ट्रोल (विश्व तम्बाकू नियंत्रण संधि) जिसे भारत ने भी पारित किया है उसके अनुसार भी तम्बाकू उत्पादों पर कर/ वैट बढ़ाना जन स्वास्थ्य की ओर कदम है और इसके शोध प्रमाण भी हैं.

राहुल द्विवेदी ने कहा कि "हमारी उत्तर प्रदेश सरकार से अपील है कि बीड़ी समेत सभी तम्बाकू उत्पादों पर वैट बढ़ाये."

वे, स्वास्थ्य को वोट अभियान, आशा परिवार, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) की ओर से सीएनएस से बात कर रहे थे.

सिटीजन न्यूज़ सर्विस (सीएनएस)
२३ सितम्बर २०१५

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