नरेगा (NREGA) मजदूरों की जीत, रूका काम शुरू

नरेगा (NREGA) मजदूरों की जीत, रूका काम शुरू


बगदौधी बागर के ग्राम प्रधान राजू दिवाकर ने अन्ततः नरेगा (NREGA) मजदूरों के काम रोको संघर्ष के आगे झुकते हुए उनकी तीनों मांगे स्वीकार कर लीं , आखिरकार पिछले दो दिनों से नरेगा(NREGA) के तहत रामनगर तलाब की जो खुदाई बन्द हो गई थी आज फिर से शुरू हो गई। कानपुर नगर के चैबेपुर ब्लाक के बगदौधी बांगर ग्राम पंचायत में नरेगा(NREGA) के तहत तलाब का खुदाई में करीब 35 मजदूर लगे थे। ग्राम प्रधान उनसे मानक से ज्यादा 80 से 90 घन फुट खुदाई करके 200 फीट दूर फेकने का दबाव देने लगा। 2 दिनों तक दबाव में मजदूरों ने 80 घनफुट मिट्टी खोदकर करीब 200 फीट दूर तक फेंका। तीसरे दिन मजदूरों ने मानक से ज्यादा काम करने से मना कर दिया। प्रधान ने उन्हे काम से निकाल देने कि धमकी दी, मजदूरों ने आशा परिवार के साथियों से सम्पर्क किया। अगले दिन आशा परिवार के साथी जब तालाब पर सभी मजदूरों के साथ बैठक कर रहे थे, तभी ग्राम प्रधान अपने साथियों के साथ पहुचां। प्रधान को भी बैठक में शामिल कर नरेगा(NREGA) कानून और मजदूरों के हक और काम के मानकों के बारे में आशा परिवार के साथियों ने विस्तार से चर्चा किया। मजदूरों ने अपनी तीन समस्यायें बैठक के दौरान सामने रखी, साथ ही कहा ये मांगे प्रधान पूरी करें नहीं तो, हम लोग इस लड़ाई को आगे तक ले जायेंगे।

* नरेगा (NREGA) के मानक के अनुसार 70 घनफुट खुदाई और 15 मीटर तक मिट्टी फेंकने का काम लिया जाय, इससे ज्यादा नहीं !

* मजदूरों का जो मेट है वह दूसरे ग्राम पंचायत का है उसे हटाकर इसी ग्राम पंचायत का जो काबिल आदमी है उसे मेट रखा जाय ! राम कुमार जो 12 वीं पास है और इसी ग्राम पंचायत के हैं, इस समय नरेगा (NREGA) में काम कर रहे हैं उन्हे मेट बनाया जाय !

* पानी पीने के लिए अलग से एक मजदूर लगाया जाय, जो हम लोगों को काम के दौरन पानी पिलाये !

मजदूरों और प्रधान के साथ करीब 2 घंटे तक चले गरमा-गरम बहस के बाद जब मजदूरों ने अन्ततः अपनी मांगे नहीं छोड़ी तो प्रधान राजू दिवाकर ने मजदूरों की तीनों मागें मान ने ली। मिट्टी फेकने की दूरी चूँकि 80 फीट थी इसलिए खुदाई 60 घनफुट तय हुई। प्रधान ने बाहरी मेट को हटाकर उसी गांव के राम कुमार को जो इसी काम में मजदूरी का काम कर रहे थे उन्हे मेट बनाया। मजदूरों में से एक मजदूर को अलग से सिर्फ पानी पिलाने की व्यवस्था पर लगाया गया। मजदूरों के तीनों मांगों को ग्राम प्रधान के मानने के बाद आज से राम नगर तालाब पर फिर से खुदाई का काम शुरू हो गया। मजदूरों के संगठित होने के बाद एक बार फिर जहां मजदूरों की टूटी आस जुड़ गयी वहीं दूसरी और उनका नरेगा (NREGA) पर विश्वास मजबूत होता दिखाई पड़ा।

लेखक: महेश एवं शंकर सिंह
"आशा परिवार" एवं "अपनाघर" कानपुर

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