नो स्मोकिंग के नियम से परेशान हैं पब मालिक


नो स्मोकिंग के नियम से परेशान हैं पब मालिक

निजी व सार्वजनिक इमारतों में 2 अक्टूबर से स्मोकिंग पर प्रतिबंध लगाने के स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदॉस के फैसले को लागू करने के लिए कई कंपनियां तैयार हैं। हालांकि उनका कहना है कि इसके लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। पब और रेस्तरां मालिक रामदॉस के इस निर्णय से परेशान हैं। वे भी मजबूरी में इस निर्णय को मानने की बात तो कह रहे हैं लेकिन उन्हें अपनी धंधे की फिक्र सता रही है।

अपने परिसर में पहले से ही स्मोकिंग पर बैन लगा चुके कुछ कॉरपोरेट हाउस और बीपीओ नए नियम को सही कदम मान रहे हैं। जेनपेक्ट के वाइस प्रेजिडंट विभु नारायण का कहना है कि हम नियमों को लागू करेंगे। स्मोकर्स को बाहर जाकर सिगरेट पीनी होगी। क्वाटरो बीपीओ सॉल्यूशंस के सीईओ रमन रॉय कहते हैं कि इस निर्णय से स्मोकर्स के लिए काफी मुश्किल हो जाएगी। लोग इसकी काफी शिकायत भी कर रहे हैं। हालांकि एक बार जब नियम लागू हो जाता है तो उसका पालन भी करना पड़ता है। नए नियम के तहत यह प्रावधान है कि यदि कोई भी कर्मचारी परिसर में स्मोकिंग करता हुआ पाया जाता है तो कंपनी को प्रति स्मोकर 5 हजार रुपये जुर्माना देना होगा।

हालांकि सरकार के पास इस निर्णय को लागू करवाने के पुख्ता इंतजाम नहीं है। गुड़गांव की एक बड़ी बीपीओ कंपनी के इग्जिक्यटिव का कहना है कि दफ्तरों में चेकिंग करने कौन आएगा? क्या सरकार इसके लिए इंस्पेक्टर रखेगी? तीस सीटों से ज्यादा वाले कैफे, पब और डिस्कोथेक भी स्वास्थ्य मंत्री के नए नियमों के दायरे में आ जाएंगे। इस निर्णय से अपने बिज़नस पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव को देखते हुए बड़े रेस्तरां मालिक अपने यहां अलग एरिया और सेपरेट वेंटिलेशन लगाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन छोटे रेस्तरां के पास ऐसे विकल्प नहीं हैं।

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