भीषण त्रासदी से गुजरता हुआ बिहार

भीषण त्रासदी से गुजरता हुआ बिहार

रास्ट्रीय जनता दल के नेता तथा राज्य जल संसाधन मंत्री श्री जय प्रकाश नारायण यादव का कहना है की बिहार की सरकार बिहार के बाढ़ की स्तिथि से निपटने में पुरी तरह से नाकाम रही है। हाल ही में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री यादव का कहना था की बिहार जल संसाधन समिति की रिपोर्ट के मुताबिक १७ अगस्त तक सभी बाँध सुरक्षित थे, किंतु जब १८ अगस्त २००८ को कोसी नदी से लगा हुआ बाँध टूटा और उसके समीप के जिलों में पानी का स्तर अचानक बढ़ा तो उनका कहना था की सरकार कई दिनों से इस बात तो आगाह कर रही थी की कोसी नदी के निकट बने बाँध का भू- दोहन पिछले कई दिनों से हो रहा था। इससे यह बात साफ़ जाहिर होती है की सरकार ख़ुद ही अपने रिपोर्ट से कैसे मुकरती है और अपनी जिम्मेदारी दूसरों के कन्धों पर लादना चाहती है।

सरकार भले ही एक दूसरे के ऊपर आरोप- प्रत्यारोप लगा रही हो किंतु सत्य तो यह है की इस बाढ़ से लाखों बेक़सूर बच्चों, महिलाओं और पुरुषों की जाने गयी हैं और जो बचे हैं वह अन्य प्रकार की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। बाढ़ की इस भीसन त्रासदी ने जानवरों तक तो नहीं बख्शा। बिहार को अपने आप को सही हालात में लाने के लिए वर्षों लग जायेंगे. बिहार की इस भीसन त्रासदी को देखते हुए कई सारे स्वैक्षिक संगठनो ने आगे आकर राहत और बचाव कार्य किया है। इनमे से एक ऑक्सफाम इंडिया भी है. ऑक्सफाम इंडिया अपने कई स्थानीय सहयोगी संस्थाओं के साथ १८ अगस्त २००८ से नेपाल की सीमा से लगे बिहार के ६ पूर्वोत्तर जिलों में इस राहत कार्य को करती आ रही है। यह जिले इस साल बिहार में बाढ़ द्वारा सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं और कोसी नदी से करीब ३ किलोमीटर की दूरी पर हैं। इस साल की बाढ़ ने पूर्वोत्तर बिहार के करीब १६ जिलों में ३० लाख लोगों को प्रभावित किया है। भारत के प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह ने भी इस बार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया है।

ऑक्सफाम सौपाल जिले में बाढ़ में फँसे आशय बच्चों, महिलाओं और आदमियों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने हेतु 'मोटरबोट' या मोटर द्वारा चालित नाविका का सहारा ले रही है। बाढ़ पीड़ित समुदाय के रहने हेतु पतले पाल की भी सहायता प्रदान कर रही है साथ ही साथ पानी शुद्धिकरण कीट, बाल्टी और जीवन रक्षक घोल इत्यादि की भी व्यवस्था कर रही है।ऑक्सफाम इण्डिया में कार्यरत कर्मचारी बिहार के दो स्थानीय संस्थाओं - बिहार सेवा समिति और अभिज्ञान दिशा - तथा कुछ स्वयंसेवी व्यक्तियों के साथ राहत और बचाव का काम कर रही है।ऑक्सफाम इण्डिया की मुख्या कार्यकारी अधिकारी सुश्री निशा अग्रवाल का कहना है कि ऑक्सफाम, बाढ़ से सौपाल जिले के सबसे ज्यादा प्रभावित दो विकास खंडों - बसंतपुर और प्रतापगंज - के २०,००० लोगों को सहायता पहुँचाने की तैयारी कर रही है। निशा अग्रवाल का आगे कहना है कि 'हम लोग बाढ़ पीड़ित लोगों को अस्थाई पुनर्वास केन्द्र, सुरक्षित खाद्य पदार्थों के वितरण और साफ़ पीने योग्य पानी को उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत हैं।

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए बच्चे और महिलाएँ खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। ऐसी महिलाएँ जो कि गर्भवती हैं या फिर जिन्होंने अभी जल्दी ही बच्चे को जन्म दिया है, इनको तक सुरक्षित और साफ़ पीने का पानी नहीं मिल रहा है। बाढ़ के बाद पानी द्वारा उत्त्पन्न होने वाले रोगों को भी रोकना अत्यन्त आवश्यक है। हाल ही में बाढ़ पीड़ित इलाकों की वास्तविक स्थिति को जानने हेतु ऑक्सफाम द्वारा एक दस्ता भेजा गया था जिसके द्वारा यह सुझाया गया है कि बाढ़ पीड़ित लोगों को पुनर्वास केन्द्रों, खाद्य पदार्थों और प्राथमिक चिकित्सा की तुंरत आवश्यकता है। ऑक्सफाम इंडिया कई सहायक संस्थाओं और राज्य सरकार के साथ मिलकर यह काम कर रही है जिससे कि राहत सामग्री वास्तव में सही तरीके से जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाई जा सके। तो आईये हम सब मिलकर बिहार को इस भीषण त्रासदी से बचाने में अपना सहयोग प्रदान करें।


अमित द्विवेदी
लेखक सिटिज़न न्यूज़ सर्विस में विशेष संवाददाता हैं.

संपर्क ईमेल: amit@citizen-news.org

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