75% मधुमेही-पाँव अंगच्छेदन को रोकना मुमकिन

[English] 25% ‘डाइबिटीस’ या मधुमेह के साथ जीवित लोग, ‘मधुमेही-पाँव’ से संबन्धित समस्याओं का सामना अपने जीवनकाल में करते हैं। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के ब्रेस्ट एवं एंडोकराइन सर्जरी विभाग के एसोशिएट प्रोफेसर डॉ ज्ञान चंद का कहना है कि मधुमेही लोग अक्सर पाँव में मधुमेह-संबन्धित समस्याओं से जूझते हैं। सामान्य समस्या भी अति-गंभीर रूप के लेती है जिसका स्वास्थ्य और जीवन पर अत्यंत अवांछनीय असर पड़ता है। अक्सर नस को नुकसान पहुंचता है जिसकी वजह से पाँव में महसूस करने की क्षमता नगण्य हो जाती है। पाँव में रक्त संचार का बिगड़ना या पाँव या पैर-उंगली का विकृत होना आदि समस्याएँ आती हैं।

आखिर हड़बड़ी किस बात की है?

पहले दिन से ही आप यह महसूस करा रही थी कि यह सरकार तो गिराने के लिए ही बनाई गई थी। अब गिरी-तब गिरी करते करते 49 दिन उन्होंने पूरे किये। रोज कोई न कोई ऐसी सनसनीखेज चीज करने की कोशिश की कि यह संदेश जाए कि सरकार बनने के बाद भी आप की क्रांतिकारिता में कोई कमी नहीं आई और जरूरत पड़ने पर सरकार में रहते हुए भी आंदोलन किया जाएगा। आप ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए भी। कई स्थापित मानकों को तोड़ा। मुख्य मंत्री भी सड़क पर धरने पर बैठ सकता है यह अरविंद ने दिखाया।

अब सिगरेट भी इलेक्ट्रॉनिक हो चली

[English] आजकल इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का बाज़ार गर्म है. तम्बाकू कम्पनियाँ इसे सिगरेट के हानि रहित विकल्प के रूप में पेश करके ग्राहकों को एक बार फिर से भ्रमित करने के प्रयास में लगी हुई हैं. 'लाइट जॉय पियो स्वस्थ रहो', 'ग्रीन स्मार्ट लिविंग--धूम्रपान निषिद्ध जीवन का आसान उपाय', 'वेपर-ई सिगरेट के लाभ', 'स्वस्थ ई सिगरेट--धूम्रपान कीजिये और जब चाहे छोड़िये'----ऐसे अनेक ऑनलाइन विज्ञापन ई सिगरेट का गुणगान करके ग्राहकों को भ्रामक रूप से आकर्षित कर रहे हैं।

विश्व का सबसे बड़ा विधालय-आधारित कृमिमुक्त कार्यक्रम बिहार में सम्पन्न

- जो बच्चे क्रमिमुक्त होने से रह गये वे अगामी 28 जनवरी को द्वा लें -

बिहार में 1.7 करोड़ बच्चों ने 23 जनवरी को क्रमिमुक्त कार्यक्रम में भाग लिया, जो विश्व का सबसे बड़ा विद्यालय-आधरित क्रमिमुक्त कार्यक्रम है. 70,000 से अधिक विद्यालयों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया. विभिन्न शोध कार्यो से यह पाया गया है कि बच्चो  को कृमिमुक्त (Dewormed) करने से उनके शिक्षा एवं पोषण के स्तर मे  काफी महत्वपूर्ण सुधार होते हैं।

अयोध्या में युगल किशोर शास्त्री की गिरफ्तारी की निंदा

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के गिरीश कुमार पाण्डेय, ओंकार सिंह, अधिवक्ता मोहम्मद शोएब और  मैग्सेसे पुरुस्कार  सम्मानित डॉ संदीप पाण्डेय ने बताया कि अयोध्या के महंत युगल किशोर शास्त्री ने घटना की जांच हेतु एक नागरिकों का दल बनाया। इस जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि स्थानीय पुलिस घटना में पी.ए.सी. की संलिप्तता की जांच करने में अक्षम है इसलिए जांच सी.बी.आई. से कराई जाए। युगल किशोर शास्त्री 12 जनवरी, 2014, के अपने मंदिर में एक जन सुनवाई कर इस रपट को जारी करने वाले थे। किंतु 11 जनवरी को दिन में 1-2 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

मुजफ्फरनगर में दंगा पीड़ितों का पुनर्वास सरकार की जिम्मेदारी

[English] ८ जनवरी २०१४ को उत्तर प्रदेश राजधानी लखनऊ में गांधी प्रतिमा हज़रतगंज पर सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) द्वारा आयोजित धरने को जब प्रशासन ने अनुमति नहीं दी, तो ज्ञापन देने के बाद यह धरना एक जुलूस के रूप में लक्ष्मण मेला ग्राउंड तक गया और धरना संध्या तक जारी रखा। इस समस्त आयोजन की एक मांग स्पष्ट थी: जो लोग मुज़फ्फरनगर सांप्रदायिक दंगों में विस्थापित   पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी सरकार  की है।

जिला टास्क फोर्स टीम ने पान की दुकानों से तम्बाकू विज्ञापनों को हटवाया

नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित जिला टास्क फोर्स टीम ने राज्य तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के साथ मिलकर आज हज़रतगंज और लालबाग इलाके में कोटपा 2003 अधिनियम के परिपालन का अचौक निरीक्षण किया तथा तम्बाकू विक्रय केन्द्रों पर लगे अनैतिक तम्बाकू विज्ञापनों को भी हटवाया और दुकान के मालिकों को वैधानिक चेतावनी भी दी की यदि वें कोटपा 2003 अधिनियम के धारा 5 व 6a/b का परिपानल नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ़ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। कोटपा 2003 की धारा 5 के अनुसार तम्बाकू उत्पादनों का विज्ञापन लगाना प्रतिबंधित है और तम्बाकू विक्रय केन्द्रो पर केवल मात्र 45X60सेमी॰ का एक बोर्ड लगाया जा सकता है जिस पर केवल मात्र तम्बाकू उत्पादनों के प्रकार ही लिखे  होने चाहिए। तम्बाकू विक्रय केन्द्रों पर धारा 6a के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों को कोई भी तम्बाकू उत्पाद न बेचने की भी 60X30सेमी॰ की वैधानिक चेतावनी लगाना अनिवार्य है।

सचिन को आदर्श स्वीकार करने की मजबूरी

डॉ संदीप पाण्डेय - सीएनएस 
सचिन तेण्डुलकर का महिमामण्डन सम्पन्न हुआ। सरकार ने बहती गंगा में हाथ धोते हुए उन्हें भारत रत्न भी दे डाला। कोई इस पर सवाल न खड़ा करे इसलिए प्रख्यात वैज्ञानिक सी.एन.आर. राव को भी साथ में यह सम्मान दिया गया। खेल जगत से पहली बार किसी व्यक्ति को यह सम्मान मिला। सवाल यह है कि क्या खेल या मनोरंजन क्षेत्र के लोगों को ये सम्मान देकर या उन्हें संसद में सदस्य नामित कर हम यह संदेष नहीं दे रहे कि समाज में वास्तविक आदर्श व्यक्तित्व का अकाल पड़ गया है।

एचआईवी के साथ जीवित लोगों को सह-संक्रमणों का गम्भीर खतरा

बॉबी रमाकांत - सीएनएस
एचआईवी के साथ जीवित लोगों को सरकार द्वारा नि:शुल्क एंटी-रेट्रोवाइरल दवायेँ तो मुहैया हो रही हैं पर सह-संक्रमणों का खतरा बढ़ रहा है। तपेदिक या टीबी, हेपटाइटस-सी वाइरस, हेपटाइटस-बी वाइरस, मधुमेह, हृदय रोग, पक्षघात, गुर्दे से जुड़ी बीमारियाँ, आदि एचआईवी के साथ जीवित लोगों में घातक रूप ले सकती हैं, कहना है शोभा शुक्ला का जो सीएनएस एवं आशा परिवार के स्वास्थ्य को वोट अभियान से जुड़ी हैं।

गांधी जयंती पर सांप्रदायिक ताकतों को उखाड़ फेकने के लिए संपन्न हुई आमसभा

[फोटो] [English] 2 अक्टूबर को अहिंसा के पुजारी पूज्य महात्मा गांधी जी के जन्मदिवस के अवसर पर अनेक धर्मनिरपेक्ष दलों, बुद्धिजीवियों और आम जनता ने सांप्रदायिक ताकतों को उखाड़ फेकने के लिए, विधान सभा के सामने आयोजित आम सभा में भाग लिया। "ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सबको सनमति दे भगवान" पंक्तियों से सभा का आरंभ हुआ।

महिला एवं बच्चों पर केन्द्रित होगा इस साल का विश्व हृदय दिवस

डा ऋषि सेठी, 
ह्रदय रोग विभाग, केजीएमयू
२९ सितम्बर को मनाये जाने वाले विश्व ह्रदय दिवस की इस बार की थीम कार्डियो वास्कुलर (हृदय-वाहिनी) रोग की रोकथाम और नियंत्रण पर केद्रित है---- विशेषकर महिलाओं और बच्चों के सन्दर्भ में. केजीएमयू के ह्रदय रोग विभाग के असोसिएट प्रोफ़ेसर डा ऋषि सेठी, के अनुसार, "यह एक भ्रान्ति है कि ह्रदय रोग एवं स्ट्रोक केवल अमीर और वृद्ध पुरुषों को ही होते हैं."

अधिक लोगों की हो सकेगी 2 घंटे के अंदर टीबी की पक्की जांच

2 घंटे के अंदर टीबी की पक्की जांच और 'रीफ़ेंपीसीन' दवा प्रतिरोधकता की जांच अब अधिक लोग करा सकेंगे क्योंकि अनेक "जीन एक्सपर्ट" मशीन भारत एवं अन्य देशों में लग रही हैं। 'यूनिटऐड' नमक संस्था ने विश्व में सबसे अधिक संख्या में जीन एक्सपर्ट मशीन लगाने का कदम उठाया है जिससे अनुमान है कि 62,000 जीवन टीबी से बचाए जा सकेंगे।

सांप्रदायिक ध्रुवीकरण

[English] सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया), रिहाई मंच और जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जैसे ही यह प्रतीत होना शुरू हुआ कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने ८४ कोसी परिक्रमा से निपटने के लिए सराहनीय कदम उठाये हैं और मुसलमानों की नज़रों में उनका कद कुछ ऊँचा हुआ, वैसे ही मुज़फ्फरनगर में दंगे शुरू हो गए. इन दंगों ने सपा सरकार की छवि पर बहुत बुरा प्रभाव डाला है.

स्वास्थ्य नीति में तंबाकू उद्योग के हस्तक्षेप को रोकने के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला

प्रदेश एवं जिले तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ एवं स्वास्थ्य को वोट अभियान द्वारा जन स्वास्थ्य नीति में तंबाकू उद्योग के हस्तक्षेप के मुद्दे पर बलरामपुर अस्पताल के सभागार में 7 सितंबर को प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जा रही है।

खून की वह विनाशकारी उल्टी....

[English] यह घटना 1997 की है। उत्तराखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस विभाग में ड्राइवर के पद पर नियुक्त, 48 वर्षीय दीपक अपनी पत्नी और 3 बच्चों के साथ एक खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा था। तभी अचानक एक दिन उसे खून की उल्टी हुई। डॉक्टर ने उसकी छाती के एक्स-रे के  आधार पर उसे बताया कि उसे फेफड़े की टीबी है। मुफ्त टीबी इलाज के सरकारी कार्यक्रम डॉट्स (डाइरेक्ट्ली ओब्सर्वड ट्रीटमंट,शॉर्ट-कोर्स) के अंतर्गत दीपक ने 6 महीने तक अपना टीबी उपचार कराया  जिससे उसकी तबीयत में काफी सुधार आया। इलाज पूरा करने के बाद वह डेढ़ साल तक बिलकुल ठीक रहा। इसी बीच उसका तबादला रामगढ़ से उत्तर काशी हो गया। वहाँ उसकी तबीयत एक बार फिर से ख़राब हो गयी और उसे एक बार फिर खून की उल्टी हुई। उत्तर काशी में उसका टीबी का इलाज एक बार फिर शुरू हुआ। पर इस बार उसने अपने उपचार में बहुत लापरवाही दिखाई। यहाँ तक कि वह अपनी दवाइयों का भी नियमित रूप से सेवन नहीं करता था। इस बीच  उसका तबादला उत्तर काशी से श्रीनगर हो गया।

कवल भारती की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला है

लेखक कवल भारती की कल हुई गिरफ्तारी के विरोध में लखनऊ विधान सभा मार्ग स्थित अम्बेडकर भवन में विभिन्न जन संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, लेखकों, साहित्यकारों, रंगकर्मियों एवं पत्रकारों का जमावड़ा हुआ। पूर्व राज्यपाल माता प्रसाद के नेतृत्व में कवल भारती की गिरफ्तारी के विरोध में, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हुए हमले के विरोध में अम्बेडकर भवन से हजरतगंज स्थित अम्बेडकर प्रतिमा तक सैकड़ों समाजिक कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च किया।

युवाओं ने शांति, परमाणु निशास्त्रिकरण और पुनर्प्राप्य ऊर्जा का दिया संदेश

[ऑनलाइन पोस्टर प्रदर्शनी देखें] [English] ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज, लोरेटो कॉन्वेंट इंटर कॉलेज, क्राइस्ट चर्च इंटर कॉलेज, सिटी मोंटेसरी स्कूल, लखनऊ विश्वविद्यालय, राम स्वरुप स्मारक पब्लिक स्कूल, डैबल कॉलेज, डैफोडिल्स कॉन्वेंट इंटर कॉलेज, इरम इंटर कॉलेज, यूनिटी कॉलेज, बाल भारती स्कूल, शेरवुड कॉलेज, अरविन्द अकादेमी, नवयुग पब्लिक स्कूल, स्प्रिंग डेल कॉलेज, अवध विश्वविद्यालय आदि शैक्षिक संस्थानों के छात्रों द्वारा “जापान से सीख” विचार पर बनाए हुए पोस्टर आज हिरोशिमा दिवस के उपलक्ष्य में लखनऊ स्थित डेफोड़िल्स कान्वेंट इंटर कॉलेज में प्रदर्शित किए गए।

दुर्गा शाक्ति नागपाल के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान

श्रीमती दुर्गा शाक्ति नागपाल के समर्थन में तथा खनन माफियाओं को उखाड़ फेकने के लिए चलाये गये एक हस्ताक्षर अभियान में, आम नागरिको ने कहा कि परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी दुर्गा नागपाल, एसडीएम नोएडा, उप्र का निलंबन दबाव में और जल्दबाजी में लिया गया निर्णय है। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को भी एक पत्र लिखकर मांग किया कि दुर्गा नागपाल का निलंबन तत्काल वापस लिया जाये। ईमानदार महिला अधिकारी की नियति का सम्मान करते हुए कोई निर्णय लिया जाना चाहिए था। एक नवागत अधिकारी के सकारात्मक प्रयास पर निलंबन उसके सम्पूर्ण सेवाकाल पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा।

सुरक्षित एवं स्वास्थ्य-वर्धक चूल्हे को चुने

विश्व में 3 अरब से अधिक लोग रोजाना भोजन बनाने के लिए लकड़ी, कोयले या अन्य प्रकार के ठोस ईंधन का प्रयोग करते हैं जिनके कारणवश जानलेवा रोग होने का खतरा अनेक गुना बढ़ता है। ग्लोबल बर्डन ऑफ डीजीस रिपोर्ट के अनुसार, 40 लाख मृत्यु प्रति-वर्ष सिर्फ भोजन बनाने के लिए ठोस ईंधन के इस्तेमाल से होती हैं। भारत में 10 लाख मृत्यु प्रति वर्ष इसी कारण से होती हैं, जिसके बावजूद भारत सरकार ने सुरक्षित और स्वास्थ्य-वर्धक चूल्हों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। यह केंद्रीय विचार था आज सी-2211 इन्दिरा नगर स्थित प्रोफेसर (डॉ) रमा कान्त केंद्र पर आयोजित मीडिया संवाद का। इसको स्वास्थ्य को वोट अभियान, सीएनएस, आशा परिवार, और जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय ने आयोजित किया था।

राजनीतिक दलों को अनुशासित करने की कोशिशें

इधर तीन ऐसे फैसले आ गए हैं जिन्होंने राजनीतिक दलों की स्वच्छंद कार्यशैली पर कुछ अंकुश लगाने की मंशा व्यक्त की है। इससे तेज बहस छिड़ गई है और राजनीतिक दल किसी भी किस्म के अनुशासन में बंधने को तैयार नहीं दिखते। किन्तु जनता की सोच अलग है।

वास्तविक और आदर्श सेवाओं में अंतर दर्शाते हैं - डबल्यूएचओ के नए एचआईवी दिशानिर्देश

[English] मलेशिया में सम्पन्न हुई एड्स विज्ञान से संबन्धित अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन में, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एचआईवी के उपचार और बचाव के लिए नए दिशानिर्देश (गाइडलाइंस) जारी किए। यह डबल्यूएचओ दिशानिर्देश अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यदि इन्हें एड्स कार्यक्रमों में ईमानदारी से लागू किया जाये तो एचआईवी के साथ जीवित लोगों के जीवन में बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है - वें स्वास्थ रह सकते हैं, सामान्य जीवनयापन कर सकते हैं, और संक्रमण की रोकधाम में भी वांछनीय असर पड़ेगा।

जन्म पंजीकरण प्रमाण पत्र है ज़रूरी

भारत सरकार द्वारा  जन्म पंजीकरण प्रमाण पत्र को अनिवार्य बनाये जाने के बाद भी ग्रामीण स्तर पर, जागरूकता के अभाव मे अभी तक सब लोग इसे बनवाने के प्रति जागरूक नहीं है। इस प्रमाण पत्र के बनवाने के बाद सबसे ज्यादा आसानी तो बच्चों को स्कूल मे दाखिला दिलवाते समय होती है।

"कमीशनखोरी की व्यवस्था को बंद करने की गारंटी दें मुख्य मंत्री": संदीप पाण्डेय

लखनऊ में अनेक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि कमीशनखोरी के विरोध में आगे आए। लोक राजनीति मंच के डॉ संदीप पाण्डेय ने बताया कि प्रांतीय प्रशासनिक सेवा के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के 40 वर्षीय अधिकारी चंद्र भूषण पाण्डेय ने लगातार आरोप लगाया है कि उनके उच्च अधिकारी व मंत्री उनसे कमीशन मांगते हैं। इस व्यवस्था से तंग आकर वे अगस्त 2008 में इस्तीफा भी दे चुके हैं और अगस्त 2011 से वेतन लेना भी बंद कर दिया है। किन्तु उ.प्र. सरकार उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रही। वह बार-बार उनपर नौकरी पर वापस आने का दबाव बनाती है। चंद्र भूषण पाण्डेय यह गारंटी चाहते हैं कि विभाग के मंत्री और उच्च अधिकारी उनसे कमीशन नहीं मांगेंगे।