भारत एवं पाकिस्तान के मध्य संवाद जारी रहना चाहिए

भारत एवं पाकिस्तान के मध्य संवाद जारी रहना चाहिए

हमारा मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच में जो समस्यां हैं, जिसमे आतंकवाद का खतरा भी शामिल है, वोह संवाद से ही सुलझाई जा सकती हैं. इसीलिए दोनों देशों के बीच संवाद को जारी रखना बहुत अहम् है.


पाकिस्तान के अन्दर लोकतंत्र और वहां पर चुनी हुई सरकार को मजबूत कर के ही यह संभव हो सकता है कि पाकिस्तानी सरकार अपने ही मुल्क में आतंकवादी ताकतों पर काबू पा सके.

दोनों ही देशों में सक्रिय आतंकवादी ताकतों के खिलाफ कारवाई करने की आवश्यकता है. भारत में जो आतंकवादी घटनाएँ हुईं हैं उसपर पाकिस्तानी सरकार को सख्त कारवाई करनी चहिये.

हाल ही में एक भारतीय शांति दल पाकिस्तान गया था जिसने पाया कि वहाँ पर मुंबई के आतंकवादी हमले के प्रति संपूर्ण और पारदर्शी जांच के लिए और बिना विलंब दोषियों को उपयुक्त सज़ा मिलने के लिए सहमती है. इसी के साथ पाकिस्तान की असल इच्छा है कि भारत के साथ शांति व्यवस्था कायम हो सके क्योंकि पाकिस्तान स्वयं ही आतंकवादी हमलों का शिकार हो रहा है.

'swat' या 'स्वाट' छेत्र और 'fata' या 'फेदेराली अड़मिनिसटेर्ड ट्राइबल ऐरेअस' या सरकार द्वारा नियंत्रित जन-जाति वाले छेत्र, पर पूरा नियंत्रण अब तालिबान और अन्य आतंकवादी संगठनों ने ले लिया है. पाकिस्तानी लोग अत्यन्त चिंतित हैं कि यह आतंकवादी ताकतें अब पाकिस्तान में अन्य छेत्रों में भी घुसने लगेंगी, और एक समय पर भारत के लिए भी संगीन खतरा बन सकती हैं.

इस बात पर दोनों देशों में सहमती बनने लगी है कि आतंकवाद दोनों देशों को चुनौती दे रहा है और भारत एवं पाकिस्तान दोनों को इस चुनौती का सामना एक-साथ करना है.

हम लोग श्री लंका के क्रिकेट के खिलाड़ियों पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हैं.

इस संकट की घड़ी में यह और भी जरुरी हो जाता है कि दक्षिण एशिया छेत्र में शान्ति और सौहार्द का मौहौल बना रहे. इसीलिए यह आवश्यक है कि वीसा-मुक्त और शांतिपूर्ण दक्षिण एशिया बनाने के लिए संघर्ष मजबूत करना चाहिए.

आतंकवादी ताकतें हमें इस छेत्र में शान्ति कायम रखने से भटकाने की कोशिश कर रही है, हम उनके खेल का शिकार होने को तैयार नहीं है.

हम लोकतंत्र, शांति और सामाजिक न्याय स्थापित करने में एकजुट लोगों का समर्थन करते हैं.

करामत अलि (PILER), डॉ संदीप पाण्डेय (मग्सय्सय अवार्डी २००२), मोहम्मद वासी सिदिकी, अरुंधती धुरु (नेशनल अलायंस of पीपुल'स मोवेमेंट्स - NAPM), इरफान अहमद (पाकिस्तान इंडिया पीपुल'स फॉरम फॉर पास एंड डेमोक्रेसी - PIPFPD, UP chapter)

No comments: