मजदूरों के संघर्ष के आगे झुका दबंग प्रधान पति

मजदूरों के संघर्ष के आगे झुका दबंग प्रधान पति
बराण्डा ग्राम पंचायत में नरेगा के तहत किये गये काम के भुगतान के लिए छेड़ा गया संघर्ष अन्ततः रंग लाया और बराण्डा के दबंग प्रधानपति अशोक कटियार ने छः महीने से रूके पैसे का नकद भुगतान किया। बराण्डा ग्राम पंचायत ब्लाक बिल्हौर जिला कानपुर नगर के करीब बराण्डा ग्राम पंचायत के करीब 40 मजदूरों को जनवरी 2009 में करीब 22 दिन नरेगा के तहत अपने खेत के किनारे नाला खुदवाने का कार्य वहां के ग्राम प्रधान श्रीमति रेनू कटियार ने करवाया, लेकिन अभी तक उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ हैं। मजदूरों ने जब भी प्रधान पति अशोक कटियार से अपनी मजदूरी की बात की उन्होंने टाल दिया । चूकिं अशोक कटियार उस क्षेत्र के एक दबंग व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं, इसलिए मजदूरों ने डर से इस बात की कहीं शिकायत नहीं की । जुलाई महीने में सामाजिक कार्यकर्ता शंकर सिंह के सम्पर्क में ये मजदूर आये और उन्होंने नरेगा के तहत हुए काम की मजदूरी भुगतान न होने की बात बताई । बैठक के बाद सभी मजदूरों ने संगठित होकर इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष छेड़ दिया। इसी संघर्ष के दौरान मजदूरों को पता चला कि जो कार्य उन्होंने किया है वो नरेगा के तहत न कराके ग्राम प्रधान ने अपना व्यक्तिगत काम कराया है। इस बात को लेकर मजदूरों ने प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास, आयुक्त ग्राम्य विकास, जिलाधिकारी कानपुर को शिकायती पत्र लिखा साथ ही कानपुर की मीडिया ने इस बात को अपने अखबार में प्रमुखता से उठाया। कार्यवाही होने के डर से कल 20 अगस्त से ग्राम प्रधान पति अशोक कुमार कटियार ने मजदूरों के घर जाकर उनके द्वारा किये 22 दिन के काम का नकद भुगतान किया और उनसे मिन्नत की कि आगे अब कोई कार्यवाही न करें । आखिरकार संगठित संघर्ष के कारण उनकी मेहनत का पैसा आज उन्हें मिल गया। इस जीत से मजदूरों को आगे संघर्ष करने की प्रेरणा के साथ-साथ लोकतंत्र में विश्वास मजबूत हुआ है।

रिपोर्टर : महेश एवं शंकर सिंह
"आशा परिवार एवं "अपना घर"
कानपुर

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