“युवा तम्बाकू सेवन आरम्भ न करें”: प्रो0 डॉ0 रमा कान्त
चीन से आयात बंद हो: सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) की मांग
भारतीय सीमा में चीन के अनाधिकृत पैठ के संदर्भ में, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने मांग की है कि भारत सरकार तुरंत चीन से सभी प्रकार के आयात बंद करे। हमारे बाज़ारों में चीनी समान भरा हुआ है, जैसे कि बनारसी साड़ियाँ, होली की पिचकारियाँ, गरम कपड़े, मूर्तियाँ, विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रोनिक समान, आदि। हम किसी भी प्रकार के सैन्य प्रतिक्रिया का समर्थन नहीं करते हैं और हमारा मानना है कि यह मुद्दा दो-पक्षीय संवाद से सुलझाया जाये। परंतु हमारा पूरा समर्थन है उन नीतियों को जो लघु और मध्यम वर्गीय उद्योग और अन्य कारीगरों के बाज़ार की रक्षा करे। इस तरह के निर्णय से भारत की अर्थ-व्यवस्था जमीनी स्तर पर मजबूत होगी। चीन से आयात को बंद करके और स्वदेसी लघु और माध्यम वर्गीय उद्योग और कारीगरों के बाज़ार को बढ़ावा दे कर हमारा दोहरा लाभ होगा और चीन पर भी दबाव बनेगा कि वो अंतर्राष्ट्रीय सरहदों को सम्मान दे।
कैंसर-दवा पर पेटेंट के खिलाफ फैसले का सोशलिस्ट पार्टी ने स्वागत किया
जन स्वास्थ्य नीति में तंबाकू उद्योग के हस्तक्षेप को रोकें: नयी चित्रमय चेतावनी और गुटखे पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करें
फांसी तो हो गई किन्तु यह तो पता चले कि संसद पर हमला किया किसने था?
एमडीआर-टीबी: एक नई महामारी
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| डॉ सूर्य कान्त |
भारत के हृदय-रोग विशेषज्ञों को मिला अमरीकी पुरुस्कार
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| डॉ ऋषि सेठी, हृदय-रोग विशेषज्ञ |
[English] किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के हृदय रोग विभाग के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि एक ही वर्ष में इस विभाग के दो हृदय-रोग विशेषज्ञों को अमेरीकन कॉलेज ऑफ कार्डिओलोजिस्ट की प्रतिष्ठित एफ़एसीसी फ़ेलोशिप प्रदान की गयी है। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ ऋषि सेठी एवं डॉ शरद चंद्रा, दोनों को अमरीका के सैन-फ्रांसिसको शहर में 11 मार्च 2013 को आयोजित वार्षिक दीक्षांत समारोह में यह फ़ेलोशिप प्रदान की गयी।
शारदा नदी के कटान को रोकने की मांग को ले कर जल सत्याग्रह
[फोटो] [English] रेउसा ब्लॉक सीतापुर जिला के सैंकड़ों लोगों ने 25-26 फरवरी 2013 को जल सत्याग्रह में भाग लिया। यह लोग शारदा नदी के पानी में इसलिए उतरे क्योंकि हर साल शारदा नदी के 7 किमी तक रास्ता बदलने पर और बढ़ते पानी से अनेक गाँव डूब आए। हजारों की संख्या में लोगों के घर पानी में पूर्णत: समाप्त हो गए। कटान रोको संघर्ष मोर्चा का नेतृत्व कर रहीं ऋचा सिंह ने कहा कि लगभग 800 परिवार तो सड़क पर दोनों ओर अस्थायी तरीके से किसी तरह से जीवित हैं। परंतु सीतापुर जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों ने अभी तक शारदा नदी से इन लोगों को बचाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है।
आंध्र प्रदेश के टीबी नियंत्रण में सुधार की मांग
अनेक संगठनों ने आज आंध्र प्रदेश में टीबी नियंत्रण से संबन्धित समस्याओं को चिन्हित किया और अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया जिससे कि प्रदेश में टीबी नियंत्रण में व्यापक सुधार हो सकें। पार्टनर्शिप फॉर टीबी केअर एंड कंट्रोल इन इंडिया, लेपरा सोसाइटी, कैथॉलिक हेल्थ असोसियशन ऑफ इंडिया, सीबीसीआई-सीएआरडी, डैमियन फ़ाउंडेशन, डेविड एंड लोइस रीस अस्पताल, शिवानंद पुनर्वास केंद्र, टीबी अलर्ट इंडिया, वासव्य महिला मंडली, वर्ल्ड विज़न इंडिया, सीएएमपी, और रायलसीमा ग्रामीण विकास सोसाइटी आदि संस्थाओं ने अधिकारियों को ज्ञापन दिया।
टीबी वैक्सीन शोध असफल: हमारे लिए क्या मायने हैं?
आखिर क्या वजह है कि टूबेर्कुलोसिस (टीबी) नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है? टीबी से बचाव के लिए जो एकमात्र टीका उपलब्ध है उसे बीसीजी कहते हैं। बीसीजी लगभग 100 साल पुराना टीका है, और आज भी विशेषकर कि बच्चों को वीभत्स प्रकार की टीबी से बचाता है। बेहतर और अधिक प्रभावकारी टीबी टीके के शोध अनेक साल से चल रहे हैं और 4 फरवरी 2013 को ऐसे ही एक टीबी वैक्सीन शोध जिसे 'एमवीए85ए' कहते हैं, के नतीजे 'द लैनसेट' में प्रकाशित हुए हैं।एक-तिहाई कैंसर से बचाव मुमकिन है: प्रोफेसर (डॉ) रमा कान्त
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) के अनुसार कम-से-कम एक-तिहाई कैंसर से बचाव मुमकिन है। डबल्यूएचओ अंतर्राष्ट्रीय पुरुस्कार से सम्मानित और कैरिएर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के प्रिन्सिपल प्रोफेसर (डॉ) रमा कान्त ने कहा कि “कैंसर से बचाव और कैंसर के खतरे को कम करने वाली जीवनशैली को बढ़ावा देने से ही कैंसर नियंत्रण में सार्थक कदम उठ सकते हैं”। प्रो0 डॉ0 रमा कान्त, जो किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के सर्जरी के पूर्व प्रमुख और पूर्व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक भी रहे हैं, विश्व कैंसर दिवस पर स्वास्थ्य को वोट अभियान, आशा परिवार, सीएनएस, जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय द्वारा आयोजित मीडिया संवाद को संबोधित कर रहे थे।
राष्ट्रपति महिला हिंसा ऑर्डिनेन्स पर हस्ताक्षर न करें: महिला आंदोलन
अनेक महिला अधिकारों के लिए समर्पित सामाजिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यौन हिंसा से संबन्धित मामलों में क्रिमिनल विधि संशोधन के लिए ‘सरकार द्वारा ऑर्डिनेन्स’ लाने के निर्णय का पुरजोर विरोध किया। लखनऊ में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति धुरु ने कहा कि माननीय राष्ट्रपति से हमारी अपील है कि वें इस ‘ऑर्डिनेन्स’ पर हस्ताक्षर न करें। अरुंधति धुरु, जो भोजन अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त आयुक्त की प्रदेश सलाहकार हैं, ने कहा कि मीडिया द्वारा सार्वजनिक हुई जानकारी से यह पता चलता है कि यौन हिंसा कानून में संशोधनों से संबन्धित ऑर्डिनेन्स को कैबिनेट ने कल (1 फरवरी 2013) पारित किया है – अगले संसद सत्र आरंभ होने से 20 दिन पहले। सरकार द्वारा इस ऑर्डिनेन्स को बिना किसी पारदर्शिता के आकस्मिक रूप से पारित करने पर हम सभी अचंभित हैं। इस प्रकार की जल्दबाज़ी से ऑर्डिनेन्स को पारित करने की क्या आवश्यकता और उद्देश्य है जब कि अगला संसद सत्र 20 दिन बाद ही आरंभ होने को है और यह प्रस्तावित ऑर्डिनेन्स दिल्ली समूहिक बलात्कार के मामले मे लागू नहीं होगा।
सूचना का अधिकार अधिनियम और छात्रों के अनुभव
हमने
16 जनवरी,
2013 से
एक सर्वेक्षण शुरु किया जिसके
द्वारा हम उत्तर प्रदेश में
सूचना का अधिकार अधिनियम,
2005 के
कार्यान्वयन की स्थिति आवेदकों
के अनुभवों के आधार पर समझना
चाहते थे। यह
सर्वेक्षण करना हमारे लिये
बहुत शिक्षाप्रद अनुभव था
क्योंकि इससे हमें सूचना का
अधिकार अधिनियम को प्रयोग
में लाने से सम्बन्धित कठिनाइयों
के बारे में पता चला। हमने न
केवल अधिनियम के तहत आवेदन
देने का कागज़ी काम किया,
बल्कि
अन्य आवेदकों की शिकायतों को
सुना और उनके सम्भावित समाधानों
पर उनसे चर्चा की।
'दक्षिण-एशिया के समाचार पत्रों के प्रथम-पृष्ठ का जेंडर मूल्यांकन' रिपोर्ट जारी
[English] ‘दक्षिण-एशिया के समाचार पत्रों के प्रथम-पृष्ठ का जेंडर मूल्यांकन’ रिपोर्ट को स्वास्थ्य को वोट अभियान, आशा परिवार, और सिटिज़न न्यूज़ सर्विस – सीएनएस ने लखनऊ में जारी किया। यह रिपोर्ट दक्षिण-एशिया के पाँच देशों (भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्री लंका) के मुख्य अँग्रेजी समाचार पत्रों के एक माह के अंकों के प्रथम पृष्ठ पर प्रकाशित समाचारों के जेंडर मूल्यांकन पर आधारित है। यह एक प्रारम्भिक रिपोर्ट है और इस विषय पर अधिक व्यापक और गहन अध्ययन की आवश्यकता है।
बाल अधिकार सम्मेलन: नया साल हमारा सवाल
[English] बाल अधिकारों की वर्तमान दशा के बारे में बच्चों के विचारों को जानने हेतु लखनऊ में प्लान इंडिया और सवांद सामाजिक संस्थान की ओर से 'बाल सम्मेलन' आयोजित किया गया। इस बाल सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न शहरों और गांवो से लगभग 200 लड़के-लड़कियों ने भाग लिया एवं विभिन्न प्रतियोगिता में भागीदारी की। इन प्रतियोगिताओं की मुख्य थीम थी: "नया साल हमारा सवाल"।
सोशलिस्ट पार्टी ने उठाई 50% महिला आरक्षण की मांग
यौनिक हिंसा के मामले में विधि-बदलाव के लिए सुझाव देने हेतु, भारत सरकार द्वारा नियुक्त जस्टिस वर्मा कमेटी के लिए सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने लखनऊ में खुली परिचर्चा का आयोजन किया जिसमें अनेक नागरिकों ने भाग लिया। सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ संदीप पाण्डेय, उत्तर प्रदेश राज्य अध्यक्ष गिरीश कुमार पाण्डेय और ओंकार सिंह भी इस परिचर्चा में शामिल रहे। सोशलिस्ट पार्टी द्वारा आयोजित इस परिचर्चा में आए सुझाव निम्नलिखित हैं:
लिंग-जनित हिंसा पर चुप्पी तोड़ें
[English] लखनऊ विधान सभा के सामने अंबेडकर महासभा में आज लिंग-जनित भेदभाव और हिंसा के मुद्दे पर खुला संवाद और उसके पश्चात मोमबत्ती प्रदर्शन का आयोजन हुआ। संवाद में दिल्ली में हुए सामूहिक यौन हिंसा पर बिना विलंब कारवाई की मांग हुई और यह बात भी स्पष्ट रूप से जाहिर हुई कि ऐसी महिलाओं की संख्या अत्याधिक है जिनको लिंग-जनित हिंसा के बाद न्याय नहीं मिला है और वें भी न्याय की प्रतीक्षा कर रही हैं।
मजदूरों-किसानों की मांगों को लेकर अनशन का चौथा दिन
[English] सोशलिस्ट पार्टी के तत्वावधान में जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय, लोक
राजनीति मंच, हिन्द मजदूर सभा, रिहाई मंच व विशेष शिक्षक एवं अभिभावक
एसोशिएसन के संयुक्त धरने-अनशन के कार्यक्रम ने आज चौथे दिन में प्रवेश
किया। अनशन पर संदीप पाण्डेय व अनिल मिश्र बैठे हुए हैं।मजदूर और किसान आयोग का अविलंब गठन किया हो: डॉ संदीप पाण्डेय
| फोटो साभार: राजीव यादव |
असंगठित क्षेत्र में न्यूनतम मजदूरी रुपए 440 प्रतिदिन की मांग को लेकर आज 25 दिसम्बर 2012 को तीसरे दिन भी विधान सभा के सामने अनशन जारी रहा। अनशन पर मग्सेसे पुरुस्कार से सम्मानित वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डॉ संदीप पाण्डेय, श्री अनिल मिश्रा व श्री मुन्नालाल शुक्ला बैठे हैं।
मजदूरों, किसानों समेत पूरे वंचित वर्ग की मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन
| फोटो साभार: राजीव यादव |
टीबी-एचआईवी का बढ़ता जाल
एचआईवी से पीड़ित लोगों में मौत का एक प्रमुख कारण टीबी है, अतः एचआईवी के साथ जीवनयापन करने वालों को बचाने के लिए टीबी-एचआईवी के सह-संक्रमण से निपटना आवश्यक है। पूरे विश्व में 10 लाख से अधिक लोगों को टीबी एवं एचआईवी के उपचार की एक साथ ज़रूरत पड़ती है। वर्ष 2011 में, 340 लाख से अधिक लोग एचआईवी वाइरस से संक्रमित थे और पिछले 30 सालों में (जब से इस महामारी की शुरुआत हुई) अब तक लगभग 250 लाख से अधिक लोग इस बीमारी के कारण मृत्यु का शिकार हो चुके हैं।
प्रोफेसर राजेन्द्र प्रसाद, दिल्ली के पटेल चेस्ट इंस्टिट्यूट के निदेशक नियुक्त
[English] प्रोफेसर राजेन्द्र प्रसाद वल्लभ भाई पटेल चेस्ट इन्स्टीट्यूट, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली के निदेशक के पद पर नियुक्त किये गये हैं और उन्होने संस्थान के निदेशक पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इससे पूर्व वह उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, सैफई के निदेशक के पद पर तथा के॰ जी॰ चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के पल्मोनरी मेडीसिन विभाग के विभागाध्यक्ष पद पर भी कार्यरत रहें हैं। प्रोफेसर प्रसाद ने 1974 में एम. बी. बी. एस. और 1979 में एम. डी. की उपाधि केव्म् जीव्म् मेडीकल कॉलेज, लखनऊ से ग्रहण की। इसके अतिरिक्त इन्होंने जापान से पल्मोनरी मेडिसिन, फाइबर-ऑप्टिक ब्रोन्कोस्कोपी और फेफड़ें के कैंसर में उच्च प्रशिक्षण भी प्राप्त किया।
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