मिश्रिख से सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) के उम्मीदवार हैं हरिनाम

वर्तमान लोक सभा चुनाव में विभिन्न किस्म की पार्टियां सक्रिय हैं। कुछ धर्म के आधार पर समाज को बांटने वाली साम्प्रदायिक शक्तियों को बढ़ावा देती हैं तो दूसरी ओर पूंजीवाद की हितैषी हैं। पूंजीवादी पार्टियां इस देश के किसान-मजदूर-गरीब के खिलाफ फैसले लेती हैं। सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) धर्म, जाति, वर्ग, लिंग, आदि मानव निर्मित विभाजनों से ऊपर उठकर समतामूलक समाज स्थापित करने व हरेक इंसान की बराबरी व सम्मान के सिद्धांत में विश्वास करती है।

विश्व बैंक पानी निजीकरण को बंद करे: संगठनों की मांग

[English] पानी-अधिकार संस्थाओं ने विश्व बैंक से आह्वान किया कि वे विकास की आड़ में पानी निजीकरण करना बंद करे. इंटरनेशनल फ़ाइनेंस कार्पोरेशन (आईएफ़सी) के जरिये विश्व बैंक विकासशील देशों में पानी निजीकरण के प्रोजेक्ट को समर्थन देता आ रहा है। हालांकि अधिकांश ऐसे प्रोजेक्ट या तो संघर्ष कर रहे हैं या असफल हो गए हैं परंतु विश्व बैंक इनको ‘सफल’ प्रोजेक्ट की तरह ही मानता आ रहा है।

तंबाकू सेवन से टीबी दुबारा होने का खतरा दोगुना: नया शोध

[English] 24 मार्च 2014 को प्रकाशित नए शोध पत्र के अनुसार तंबाकू सेवन से टूबेर्कुलोसिस (टीबी, तपेदिक या क्षय रोग) होने का खतरा दो-गुना हो जाता है।  जिन लोगों ने टीबी का इलाज पूरा कर लिया है और पूर्णत: ठीक हो गए हैं यदि वे तंबाकू सेवन करेंगे तो टीबी रोग दोबारा होने का खतरा दोगुना होता है। यह शोध अब तक का सबसे ठोस चिकित्सकीय वैज्ञानिक प्रमाण है कि तंबाकू सेवन और टीबी में सीधा और खतरनाक संबंध है। यह शोध पत्र “इंटरनेशनल जर्नल ऑफ टूबेर्कुलोसिस एंड लंग डीजीस” के अप्रैल 2014 अंक में प्रकाशित हुआ है जो आज विश्व टीबी दिवस पर ऑनलाइन हुआ।

कैसे मदद करे उन 30 लाख टीबी रोगियों की जिनतक सेवाएँ नहीं पहुँच रही हैं

[English] इस साल विश्व तपेदिक (टीबी) दिवस का मुख्य ज़ोर है कि कैसे 30 लाख टीबी रोगियों तक पहुंचा जाये जिनतक टीबी सेवाएँ नहीं पहुँच पा रही हैं। ये वो 30 लाख टीबी रोगी हैं जिनकी या तो टीबी जांच तक नहीं हो पाती है, या जिन तक इलाज नहीं पहुँच पाता है।  डॉ मारिया मोंटेस डे ओका जो “फॉरम फॉर इंटरनेशनल रेस्पिरेटरी सोसाइटीज़” (एफ़आईआरएस) की अध्यक्ष हैं, उनका कहना है कि “एफ़आईआरएस 70,000 श्वास संबंधी संस्थाओं का संगठन है और वे प्रतिबद्ध हैं कि कैसे मदद करें और 30 लाख ऐसे टीबी रोगियों को खोजे और सेवाएँ पहुंचाए जो इनसे वंचित हैं”। डॉ ओका का कहना है कि हर टीबी रोगी को मानक के अनुसार टीबी जांच और इलाज प्राप्त होना चाहिए तभी टीबी नियंत्रण संभव है।

सरकार द्वारा टीबी दवाओं के विक्रय को विधिवत नियंत्रित करना जन-हितैषी कदम

1 मार्च 2014 से भारत सरकार ने ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक अधिनियम 1940 में संशोधन करके 46 ऐन्टीबाइओटिक दवाओं को, बिना चिकित्सकीय परामर्श के बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन 46 ऐन्टीबाइओटिक दवाओं में टीबी की दवाएं भी शामिल हैं। टीबी नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश राज्य टास्क फोर्स के अध्यक्ष एवं इंडियन चेस्ट सोसाइटी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ सूर्य कान्त का कहना है कि “सरकार इस जन हितैषी और जन-स्वास्थ्य हितैषी कदम के लिए बधाई का पात्र है। टीबी दवाओं की बे-रोकटोक बिक्री पर बहुत पहले ही प्रतिबंध लगना चाहिए था। अनियमित टीबी दवाएं लेने से दवा-प्रतिरोधक टीबी उत्पन्न हो सकती है इसलिए टीबी दवाओं के साथ-साथ 45 अन्य ऐन्टीबाइओटिक दवाओं को “शैड्यूल एच1” में शामिल करके, उनको बिना चिकित्सकीय परामर्श के बेचने पर रोक लगाने का यह कदम सराहनीय है”।

सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) ने पूर्वांचल से बनाया जन आंदोलनों के नेताओं को उम्मीदवार

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया), जो गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष में विश्वास करती है ने पूर्वांचल की दो सीटों से लोक सभा चुनाव हेतु उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। सोशलिस्ट पार्टी के कुलदीप नैयर, न्यायमूर्ति राजिन्दर सच्चर, गिरीश कुमार पाण्डेय, ओंकार सिंह, संदीप पाण्डेय, एवं बॉबी रमाकांत ने बताया कि कुशीनगर सीट से मैत्रेय परियोजना के खिलाफ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले जुझारु नेता गोवर्द्धन प्रसाद गोंड़ को उम्मीदवार बनाया है।

अधिकतम चुनाव खर्च सीमा को बढ़ाना जन विरोधी

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का मानना है कि चुनाव आयोग द्वारा अधिकतम चुनाव खर्च सीमा को 25 लाख रुपए से बढ़ा कर 70 लाख रुपए करना और जमानत राशि 10 हज़ार रुपए से बढ़ा कर 25 हज़ार करना जन विरोधी है। अधिकतम चुनाव खर्च सीमा और जमानत राशि को बढ़ाने से अमीर पैसे वाले उम्मीदवारों और पार्टियों के लिए ही चुनाव लड़ना आसान होगा और अधिकांश गरीब जनता के लिए अत्यंत मुश्किल।

अन्य पाटियों जैसी बनती जा रही आप

(दैनिक जागरण में 16 मार्च 2014 को सर्वप्रथम प्रकाशित)
भारतीय जनता पार्टी शुरु में दावा करती थी कि वह अलग किस्म की पार्टी है। मुख्य रुप से उसका दावा था कि उसके अंदर भ्रष्ट लोग नहीं हैं और वह अपराधियों को सदस्य नहीं बनाती। किंतु धीरे-धीरे उसने यह दावा करना बंद कर दिया और उसकी राजनीति भी भ्रष्टाचार और अपराधीकरण का शिकार हो गई। अब आम आदमी पार्टी आई है जो एक अलग किस्म का दल होने का दावा कर रही है। अभी उसको अस्तित्व में आए डेढ़ साल भी नहीं हुए और जिन चीजें को चुनौती देने के लिए यह पार्टी बनाई गई थी वह उसी राह पर चल पड़ी है।

जिस मीडिया ने अरविंद केजरीवाल को बनाया उसी को कोस रहे

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का कहना है कि अरविंद केजरीवाल का ताजा आरोप मीडिया पर है। उनका कहना है कि मीडिया पैसे लेकर नरेन्द्र मोदी को ज्यादा दिखा रही है। उन्होंने जब उनकी सरकार बन जाएगी तो जांच करवा कर सबको जेल भेजने का भी ऐलान कर दिया है। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मेगसेसे पुरुस्कार से सम्मानित डॉ संदीप पाण्डेय का कहना है कि केजरीवाल को यह याद रखना चाहिए कि उनका आंदोलन भी मीडिया की ही देन है।

अब साम्प्रदायिकता की काट बने अरविंद केजरीवाल


देश में नरेन्द्र मोदी की लहर है। उनके प्रधान मंत्री पद के उम्मीदवारी की घोषणा से जैसे भारतीय जनता पार्टी में जान आ गई है। कांग्रेस व भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर अमरीका जैसी द्विदलीय प्रणाली चाह रहे थे। क्षेत्रीय दलों में से काफी कोशिश के बाद भी कोई सही अर्थों में राष्ट्रीय दल नहीं बन पा रहा था।

75% मधुमेही-पाँव अंगच्छेदन को रोकना मुमकिन

[English] 25% ‘डाइबिटीस’ या मधुमेह के साथ जीवित लोग, ‘मधुमेही-पाँव’ से संबन्धित समस्याओं का सामना अपने जीवनकाल में करते हैं। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के ब्रेस्ट एवं एंडोकराइन सर्जरी विभाग के एसोशिएट प्रोफेसर डॉ ज्ञान चंद का कहना है कि मधुमेही लोग अक्सर पाँव में मधुमेह-संबन्धित समस्याओं से जूझते हैं। सामान्य समस्या भी अति-गंभीर रूप के लेती है जिसका स्वास्थ्य और जीवन पर अत्यंत अवांछनीय असर पड़ता है। अक्सर नस को नुकसान पहुंचता है जिसकी वजह से पाँव में महसूस करने की क्षमता नगण्य हो जाती है। पाँव में रक्त संचार का बिगड़ना या पाँव या पैर-उंगली का विकृत होना आदि समस्याएँ आती हैं।

आखिर हड़बड़ी किस बात की है?

पहले दिन से ही आप यह महसूस करा रही थी कि यह सरकार तो गिराने के लिए ही बनाई गई थी। अब गिरी-तब गिरी करते करते 49 दिन उन्होंने पूरे किये। रोज कोई न कोई ऐसी सनसनीखेज चीज करने की कोशिश की कि यह संदेश जाए कि सरकार बनने के बाद भी आप की क्रांतिकारिता में कोई कमी नहीं आई और जरूरत पड़ने पर सरकार में रहते हुए भी आंदोलन किया जाएगा। आप ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए भी। कई स्थापित मानकों को तोड़ा। मुख्य मंत्री भी सड़क पर धरने पर बैठ सकता है यह अरविंद ने दिखाया।

अब सिगरेट भी इलेक्ट्रॉनिक हो चली

[English] आजकल इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का बाज़ार गर्म है. तम्बाकू कम्पनियाँ इसे सिगरेट के हानि रहित विकल्प के रूप में पेश करके ग्राहकों को एक बार फिर से भ्रमित करने के प्रयास में लगी हुई हैं. 'लाइट जॉय पियो स्वस्थ रहो', 'ग्रीन स्मार्ट लिविंग--धूम्रपान निषिद्ध जीवन का आसान उपाय', 'वेपर-ई सिगरेट के लाभ', 'स्वस्थ ई सिगरेट--धूम्रपान कीजिये और जब चाहे छोड़िये'----ऐसे अनेक ऑनलाइन विज्ञापन ई सिगरेट का गुणगान करके ग्राहकों को भ्रामक रूप से आकर्षित कर रहे हैं।

विश्व का सबसे बड़ा विधालय-आधारित कृमिमुक्त कार्यक्रम बिहार में सम्पन्न

- जो बच्चे क्रमिमुक्त होने से रह गये वे अगामी 28 जनवरी को द्वा लें -

बिहार में 1.7 करोड़ बच्चों ने 23 जनवरी को क्रमिमुक्त कार्यक्रम में भाग लिया, जो विश्व का सबसे बड़ा विद्यालय-आधरित क्रमिमुक्त कार्यक्रम है. 70,000 से अधिक विद्यालयों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया. विभिन्न शोध कार्यो से यह पाया गया है कि बच्चो  को कृमिमुक्त (Dewormed) करने से उनके शिक्षा एवं पोषण के स्तर मे  काफी महत्वपूर्ण सुधार होते हैं।

अयोध्या में युगल किशोर शास्त्री की गिरफ्तारी की निंदा

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के गिरीश कुमार पाण्डेय, ओंकार सिंह, अधिवक्ता मोहम्मद शोएब और  मैग्सेसे पुरुस्कार  सम्मानित डॉ संदीप पाण्डेय ने बताया कि अयोध्या के महंत युगल किशोर शास्त्री ने घटना की जांच हेतु एक नागरिकों का दल बनाया। इस जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि स्थानीय पुलिस घटना में पी.ए.सी. की संलिप्तता की जांच करने में अक्षम है इसलिए जांच सी.बी.आई. से कराई जाए। युगल किशोर शास्त्री 12 जनवरी, 2014, के अपने मंदिर में एक जन सुनवाई कर इस रपट को जारी करने वाले थे। किंतु 11 जनवरी को दिन में 1-2 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

मुजफ्फरनगर में दंगा पीड़ितों का पुनर्वास सरकार की जिम्मेदारी

[English] ८ जनवरी २०१४ को उत्तर प्रदेश राजधानी लखनऊ में गांधी प्रतिमा हज़रतगंज पर सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) द्वारा आयोजित धरने को जब प्रशासन ने अनुमति नहीं दी, तो ज्ञापन देने के बाद यह धरना एक जुलूस के रूप में लक्ष्मण मेला ग्राउंड तक गया और धरना संध्या तक जारी रखा। इस समस्त आयोजन की एक मांग स्पष्ट थी: जो लोग मुज़फ्फरनगर सांप्रदायिक दंगों में विस्थापित   पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी सरकार  की है।

जिला टास्क फोर्स टीम ने पान की दुकानों से तम्बाकू विज्ञापनों को हटवाया

नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित जिला टास्क फोर्स टीम ने राज्य तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के साथ मिलकर आज हज़रतगंज और लालबाग इलाके में कोटपा 2003 अधिनियम के परिपालन का अचौक निरीक्षण किया तथा तम्बाकू विक्रय केन्द्रों पर लगे अनैतिक तम्बाकू विज्ञापनों को भी हटवाया और दुकान के मालिकों को वैधानिक चेतावनी भी दी की यदि वें कोटपा 2003 अधिनियम के धारा 5 व 6a/b का परिपानल नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ़ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। कोटपा 2003 की धारा 5 के अनुसार तम्बाकू उत्पादनों का विज्ञापन लगाना प्रतिबंधित है और तम्बाकू विक्रय केन्द्रो पर केवल मात्र 45X60सेमी॰ का एक बोर्ड लगाया जा सकता है जिस पर केवल मात्र तम्बाकू उत्पादनों के प्रकार ही लिखे  होने चाहिए। तम्बाकू विक्रय केन्द्रों पर धारा 6a के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों को कोई भी तम्बाकू उत्पाद न बेचने की भी 60X30सेमी॰ की वैधानिक चेतावनी लगाना अनिवार्य है।

सचिन को आदर्श स्वीकार करने की मजबूरी

डॉ संदीप पाण्डेय - सीएनएस 
सचिन तेण्डुलकर का महिमामण्डन सम्पन्न हुआ। सरकार ने बहती गंगा में हाथ धोते हुए उन्हें भारत रत्न भी दे डाला। कोई इस पर सवाल न खड़ा करे इसलिए प्रख्यात वैज्ञानिक सी.एन.आर. राव को भी साथ में यह सम्मान दिया गया। खेल जगत से पहली बार किसी व्यक्ति को यह सम्मान मिला। सवाल यह है कि क्या खेल या मनोरंजन क्षेत्र के लोगों को ये सम्मान देकर या उन्हें संसद में सदस्य नामित कर हम यह संदेष नहीं दे रहे कि समाज में वास्तविक आदर्श व्यक्तित्व का अकाल पड़ गया है।

एचआईवी के साथ जीवित लोगों को सह-संक्रमणों का गम्भीर खतरा

बॉबी रमाकांत - सीएनएस
एचआईवी के साथ जीवित लोगों को सरकार द्वारा नि:शुल्क एंटी-रेट्रोवाइरल दवायेँ तो मुहैया हो रही हैं पर सह-संक्रमणों का खतरा बढ़ रहा है। तपेदिक या टीबी, हेपटाइटस-सी वाइरस, हेपटाइटस-बी वाइरस, मधुमेह, हृदय रोग, पक्षघात, गुर्दे से जुड़ी बीमारियाँ, आदि एचआईवी के साथ जीवित लोगों में घातक रूप ले सकती हैं, कहना है शोभा शुक्ला का जो सीएनएस एवं आशा परिवार के स्वास्थ्य को वोट अभियान से जुड़ी हैं।

गांधी जयंती पर सांप्रदायिक ताकतों को उखाड़ फेकने के लिए संपन्न हुई आमसभा

[फोटो] [English] 2 अक्टूबर को अहिंसा के पुजारी पूज्य महात्मा गांधी जी के जन्मदिवस के अवसर पर अनेक धर्मनिरपेक्ष दलों, बुद्धिजीवियों और आम जनता ने सांप्रदायिक ताकतों को उखाड़ फेकने के लिए, विधान सभा के सामने आयोजित आम सभा में भाग लिया। "ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सबको सनमति दे भगवान" पंक्तियों से सभा का आरंभ हुआ।

महिला एवं बच्चों पर केन्द्रित होगा इस साल का विश्व हृदय दिवस

डा ऋषि सेठी, 
ह्रदय रोग विभाग, केजीएमयू
२९ सितम्बर को मनाये जाने वाले विश्व ह्रदय दिवस की इस बार की थीम कार्डियो वास्कुलर (हृदय-वाहिनी) रोग की रोकथाम और नियंत्रण पर केद्रित है---- विशेषकर महिलाओं और बच्चों के सन्दर्भ में. केजीएमयू के ह्रदय रोग विभाग के असोसिएट प्रोफ़ेसर डा ऋषि सेठी, के अनुसार, "यह एक भ्रान्ति है कि ह्रदय रोग एवं स्ट्रोक केवल अमीर और वृद्ध पुरुषों को ही होते हैं."

अधिक लोगों की हो सकेगी 2 घंटे के अंदर टीबी की पक्की जांच

2 घंटे के अंदर टीबी की पक्की जांच और 'रीफ़ेंपीसीन' दवा प्रतिरोधकता की जांच अब अधिक लोग करा सकेंगे क्योंकि अनेक "जीन एक्सपर्ट" मशीन भारत एवं अन्य देशों में लग रही हैं। 'यूनिटऐड' नमक संस्था ने विश्व में सबसे अधिक संख्या में जीन एक्सपर्ट मशीन लगाने का कदम उठाया है जिससे अनुमान है कि 62,000 जीवन टीबी से बचाए जा सकेंगे।

सांप्रदायिक ध्रुवीकरण

[English] सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया), रिहाई मंच और जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जैसे ही यह प्रतीत होना शुरू हुआ कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने ८४ कोसी परिक्रमा से निपटने के लिए सराहनीय कदम उठाये हैं और मुसलमानों की नज़रों में उनका कद कुछ ऊँचा हुआ, वैसे ही मुज़फ्फरनगर में दंगे शुरू हो गए. इन दंगों ने सपा सरकार की छवि पर बहुत बुरा प्रभाव डाला है.