मासिक धर्म के प्रति अपराधबोध क्यों?
नीतू यादव, सिटीजन न्यूज़ सर्विस - सीएनएस
मासिक धर्म महिलाओं की प्रजनन क्षमता से सम्बंधित एक प्राक्रतिक प्रक्रिया है तथा उनके शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है. प्रत्येक किशोरी को इस नियमित प्रक्रिया के विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त करने का न केवल अधिकार वरन आवश्यकता भी है। परन्तु यह खेद का विषय है कि आज के आधुनिक युग में भी भारत वर्ष, विशेषकर उत्तर प्रदेश जैसे पिछड़े प्रांत, में इस महत्त्व पूर्ण विषय पर कोई भी बातचीत करना बहुत ही शर्मनाक माना जाता है।
स्वास्थ्य नीति में उद्योग के हस्तक्षेप को रोकें केंद्रीय मंत्रालय
![]() |
| Photo credit: CNS Image Library/2013 |
दमा नियंत्रित रख कर सामान्य जीवन जिया जा सकता है
मलेरिया उन्मूलन क्षेत्रीय एशिया-पैसिफिक नेटवर्क से अब भारत भी जुड़ा
भारत अब क्षेत्रीय एशिया पैसिफिक मलेरिया उन्मूलन नेटवर्क से जुड़ गया है जिसमें अभी तक 16 देश प्रतिभागी थे। भारत ने भी मलेरिया उन्मूलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। क्षेत्रीय मलेरिया उन्मूलन नेटवर्क के सदस्य के रूप में भारत पहली बार 24 मार्च को वियतनाम में होने वाली 7वीं सालाना बैठक में भाग लेगा। एशिया पैसिफिक क्षेत्र में मलेरिया पीड़ित लोगों के आंकड़े देखते हुए भारत दूसरे नंबर पर है जो अत्यंत चिंताजनक है। क्षेत्रीय नेटवर्क से जुडने से भारत ने भी 2030 तक मलेरिया समाप्त करने के लिए समर्पित है।
मदर टेरेसा जैसा काम क्यों नहीं करता संघ?
डॉ संदीप पाण्डेय, सीएनएस स्तंभकार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिन्दुत्व की विचारधारा से जुड़े तमाम लोगों को नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अब उन्हें वे बातें खुल कर कहने की छूट मिल गई है जो वे पहले नहीं कह पाते थे। इनमें से कई बातें विवादास्पद हैं। इधर अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थानों पर हमले भी बढ़ गए हैं। हमला करने वाले भी निडर हो गए हैं। स्थिति इतनी चिंताजनक है कि बराक ओबामा, जिन्हें नरेन्द्र मोदी अपना दोस्त बता कर लाए थे, ने भारत को धार्मिक सहिष्णुता की नसीहत दे डाली। वह भी एक बार नई दिल्ली में तो अमरीका वापस पहुंचने पर वाशिंग्टन डी.सी. में दूसरी बार।
| सीएनएस फोटो लाइब्ररी/2013 |
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने पर सोशलिस्ट पार्टी का अनशन समाप्त हुआ
सिटिज़न न्यूज़ सर्विस - सीएनएस
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के उन्नाव जिलाध्यक्ष अनिल मिश्रा के नेतृत्व में 8 जनवरी 2015 से हो रहे अनिश्चितकालीन अनशन 9 जनवरी 2015 को समाप्त हुआ जब उन्नाव के कुछ अन्न-क्रय केन्द्रों से खरीद आरंभ हो गयी। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के कार्यकर्ताओं ने किसान-विरोधी भू-अधिग्रहण अध्यादेश की प्रतियाँ गांधी प्रतिमा, हजरतगंज, लखनऊ पर 9 जनवरी को जलाईं।
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के उन्नाव जिलाध्यक्ष अनिल मिश्रा के नेतृत्व में 8 जनवरी 2015 से हो रहे अनिश्चितकालीन अनशन 9 जनवरी 2015 को समाप्त हुआ जब उन्नाव के कुछ अन्न-क्रय केन्द्रों से खरीद आरंभ हो गयी। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के कार्यकर्ताओं ने किसान-विरोधी भू-अधिग्रहण अध्यादेश की प्रतियाँ गांधी प्रतिमा, हजरतगंज, लखनऊ पर 9 जनवरी को जलाईं।
गोष्ठी: "बापू हम शर्मिंदा हैं, आपके कातिल जिन्दा हैं"
![]() |
| फोटो साभार:रिहाई मंच |
भू-अधिग्रहण कानून में अध्यादेश से लाए परिवर्तन की प्रति को जलाया
अनिल मिश्र के अनशन से प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद चालूसोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) के उन्नाव जिलाध्यक्ष अनिल मिश्रा के 8 जनवरी, 2015 से गांधी प्रतिमा, हजरतगंज, लखनऊ में अनशन पर बैठने से प्रदेश सरकार ने अंततः धान खरीद के जो केन्द्र बंद कर रखे थे उन्हें खोलने का निर्णय लिया है। अनिल मिश्रा ने सीएनएस को बताया कि: "किंतु हमें इस बात पर रोष है कि पूर्व में घोषित समर्थन मूल्य रु. 1360 (ए ग्रेड धान के लिए रु. 1400) प्रति कुंतल में 2 प्रतिशत, यानी रु. 27.20 की कमी कर दी गई है चूंकि फसल के खेत में खड़े रहने के दौरान वर्षा के कारण उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई है।"
किसान-विरोधी नीति के खिलाफ अनिल मिश्रा अनशन पर
| सीएनएस फोटो लाइब्ररी/2015 |
प्रथम सर्व-व्यापी स्वास्थ्य सेवा दिवस: उप्र में सबके-लिए स्वास्थ्य का सपना कब पूरा होगा?
सिटिज़न न्यूज़ सर्विस - सीएनएस
[English] हालांकि हर नागरिक के लिए स्वास्थ्य सेवा का लक्ष्य भारत सरकार का एक अरसे से रहा है, परंतु हकीकत यह है कि समाज का एक बड़ा तबका जानलेवा रोगों से जूझ रहा है जिनमें से अधिकांश से बचाव मुमकिन था, और यदि वो स्वास्थ्य सेवा प्राप्त कर पाता है तो खर्चे की वजह से गरीबी की ओर ढकल जाता है।
[English] हालांकि हर नागरिक के लिए स्वास्थ्य सेवा का लक्ष्य भारत सरकार का एक अरसे से रहा है, परंतु हकीकत यह है कि समाज का एक बड़ा तबका जानलेवा रोगों से जूझ रहा है जिनमें से अधिकांश से बचाव मुमकिन था, और यदि वो स्वास्थ्य सेवा प्राप्त कर पाता है तो खर्चे की वजह से गरीबी की ओर ढकल जाता है।
भारत एवं अन्य पूर्वी एशिया देशों ने 2030 तक मलेरिया समाप्ति का वादा किया
| फोटो क्ष्रेय: एपीएलएमए |
178 देशों के साथ भारत ने तंबाकू कर नीति को पारित किया
178 देशों के साथ भारत ने आज विश्व तंबाकू नियंत्रण संधि की बैठक में विश्व व्यापी मजबूत तंबाकू कर नीति को पारित किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अंतर्राष्ट्रीय पुरुस्कार प्राप्त सर्जन प्रोफेसर (डॉ) रमा कान्त ने कहा कि "अनेक शोध के अनुसार, तंबाकू कर बढ़ाने से दोहरा लाभ होता है: तंबाकू सेवन, विशेषकर में नए तंबाकू व्यसनी के दर में गिरवाट आती है, और तंबाकू जनित रोगों के उपचार आदि में हो रहे व्यय में भी कमी आती है। सरकार को अधिक राजस्व भी प्राप्त होता है।"
समान शिक्षा प्रणाली लागू हो: डॉ संदीप पाण्डेय
सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) ने सरकारी तनख्वाह लेने वाले व जन प्रतिनिधियों के बच्चों के लिए सरकारी विद्यालय में पढ़ना अनिवार्य हो की मांग को ले कर एक हफ्ते के अभियान का समापन किया। इस दौरान बेसिक शिक्षा निदेशालय, निशातगंज, माध्यमिक शिक्षा कार्यालय, पार्क रोड व बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जगत नारायण रोड के सामने भी प्रदर्शन किए। 30 सितम्बर से 6 अक्टूबर, 2014 तक रोज दिन में 11 बजे से 12 बजे तक प्रदर्शन हुए।घरेलू वायु प्रदूषण भी खतरा है फेफड़े के स्वास्थ्य के लिए
घर के बाहर के प्रदूषण के खतरे से तो हम लोग चेते हुए हैं पर घर के भीतर वायु प्रदूषण हमारे फेफड़े के लिए कितना खतरनाक हो सकता है इसकी जागरूकता कम है। डॉ सूर्य कान्त, प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष, पलमोनरी मेडिसिन विभाग, किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय ने बताया कि: “परोक्ष तंबाकू धूम्रपान से और लकड़ी आदि के चूल्हे के धुए से हमारे फेफड़े के स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पड़ता है। टूबेर्कुलोसिस (क्षय रोग) होने का खतरा बढ़ता है, अस्थमा या दमा बिगड़ने की संभावना बढ़ती है। इसीलिए तंबाकू सेवन न करें, और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित और स्वच्छ चूल्हों का ही उपयोग करें”।
योजना आयोग विवाद : योजना और शासन का विकेंद्रीकरण हो, न कि निजीकरण
सोशलिस्ट पार्टी ने कई बार योजना आयोग की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाया हैा क्योंकि योजना आयोग की स्थापना संविधान लागू हो जाने के सात सप्ताह बाद केबिनेट ने एक प्रस्ताव के जरिए की थीा आजादी के शुरूआती दौर में योजना आयोग की एक प्रस्ताव की मार्फत स्थापना की कुछ सार्थकता बनती थी क्योंकि सरकार के प्रस्ताव में कहा गया था कि योजना निर्माण का काम संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों और राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों की रोशनी में किया जाएगाा प्रस्ताव में आगे इस बात पर बल दिया गया था कि योजना आयोग की सफलता सभी स्तरों पर लोगों की सहभागिता के आधार पर काम करने पर निर्भर करेगी।
मोदी के दावे खोखले: साबरमती की सफाई का सच
[English] सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) जो पश्चिमी देशों की “ग्रीन पार्टी” के तर्ज़ पर पर्यावरण को विकास से मूलत: जुड़ा हुआ मानती है और भारत की “ग्रीन पार्टी” के रूप में पहचान दर्ज कर रही है, उसका मानना है कि भाजपा के प्रधान मंत्री पद के दावेदार नरेन्द्र मोदी कोई पहले व्यक्ति नहीं जो गंगा की सफाई की बात कर रहे हैं। यह बात अरविंद केजरीवाल भी कर चुके हैं और राजीव गांधी ने गंगा एक्शन प्लान की 1986 में शुरुआत करके की थी।नरेन्द्र मोदी गंगा में किस नदी का पानी डालेंगे?
नरेन्द्र मोदी ने दावा किया है कि जिस तरह उन्होंने साबरमती नदी को ठीक किया है उसी तरह वे गंगा को भी ठीक कर देंगे। यह दावा अहंकार से भरपूर है और पूरी सच्चाई बयान नहीं करता। साबरमती नदी गंगा की तुलना में बहुत छोटी नदी है। क्या साबरमती नदी पर जनसंख्या और गंदगी का इतना बोझ है जितना गंगा पर पड़ता है? दूसरा नरेन्द्र मोदी यह नहीं बता रहे हैं कि साबरमती में नर्मदा, जो एक बड़ी नदी है, का पानी डाला जाता है।
अस्थमा प्रबंधन से सामान्य जीवन मुमकिन
शोभा शुक्ला - सीएनएस
[English] अस्थमा या दमा एक आम गैर-संक्रामक रोग है जिससे 30 करोड़ से अधिक लोग विश्व में जूझ रहे हैं। भारत में 3 करोड़ लोग अस्थमा के साथ जीवित हैं। बच्चों में अस्थमा सबसे प्रचलित गैर-संक्रामक रोग है। अनेक देशों में अस्थमा दर दोगुना तक हो गया है। यदि अस्थमा का प्रबंधन और नियंत्रण पर्याप्त रूप से हो तो उसके साथ सामान्य ज़िंदगी बिताई जा सकती है और व्यावसायिक रूप से भी सफलता पायी जा सकती है। यही केन्द्रीय विचार था इन्दिरा नगर में आयोजित मीडिया संवाद का जिसको विश्व अस्थमा दिवस के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य को वोट अभियान, सीएनएस, आशा परिवार और जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय ने आयोजित किया था।
[English] अस्थमा या दमा एक आम गैर-संक्रामक रोग है जिससे 30 करोड़ से अधिक लोग विश्व में जूझ रहे हैं। भारत में 3 करोड़ लोग अस्थमा के साथ जीवित हैं। बच्चों में अस्थमा सबसे प्रचलित गैर-संक्रामक रोग है। अनेक देशों में अस्थमा दर दोगुना तक हो गया है। यदि अस्थमा का प्रबंधन और नियंत्रण पर्याप्त रूप से हो तो उसके साथ सामान्य ज़िंदगी बिताई जा सकती है और व्यावसायिक रूप से भी सफलता पायी जा सकती है। यही केन्द्रीय विचार था इन्दिरा नगर में आयोजित मीडिया संवाद का जिसको विश्व अस्थमा दिवस के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य को वोट अभियान, सीएनएस, आशा परिवार और जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय ने आयोजित किया था।
सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) गैस का मूल्य दोगुणा करने के सरकारी फैसले के खिलाफ
पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने चुनाव के बीच में ही गैस के मूल्य को
चुनाव के तुरंत बाद एक अधिसूचना जारी कर दोगुणा करने का फैसला ले लिया है।
मुख्य बात यह है कि यह मूल्य वृद्धि 1 अप्रैल, 2014 से प्रभावी मानी जाएगी।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गुरुदास दासगुप्ता ने चुनाव आयोग व
प्रधान मंत्री को पत्र लिख इस अवैध आदेश को रोकने की मांग की है। सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ संदीप पाण्डेय ने कहा कि जनसत्ता
अखबार को छोड़ यह खबर कहीं छपी नहीं। ऐसा क्यों?यूपी महिला कल्याण निगम प्रमुख को निष्कासित किया जाये: सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) की मांग
मिश्रिख से सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) के उम्मीदवार हैं हरिनाम
वर्तमान लोक सभा चुनाव में विभिन्न किस्म की पार्टियां सक्रिय हैं। कुछ धर्म के आधार पर समाज को बांटने वाली साम्प्रदायिक शक्तियों को बढ़ावा देती हैं तो दूसरी ओर पूंजीवाद की हितैषी हैं। पूंजीवादी पार्टियां इस देश के किसान-मजदूर-गरीब के खिलाफ फैसले लेती हैं। सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) धर्म, जाति, वर्ग, लिंग, आदि मानव निर्मित विभाजनों से ऊपर उठकर समतामूलक समाज स्थापित करने व हरेक इंसान की बराबरी व सम्मान के सिद्धांत में विश्वास करती है।विश्व बैंक पानी निजीकरण को बंद करे: संगठनों की मांग
[English] पानी-अधिकार संस्थाओं ने विश्व बैंक से आह्वान किया कि वे विकास की आड़ में पानी निजीकरण करना बंद करे. इंटरनेशनल फ़ाइनेंस कार्पोरेशन (आईएफ़सी) के जरिये विश्व बैंक विकासशील देशों में पानी निजीकरण के प्रोजेक्ट को समर्थन देता आ रहा है। हालांकि अधिकांश ऐसे प्रोजेक्ट या तो संघर्ष कर रहे हैं या असफल हो गए हैं परंतु विश्व बैंक इनको ‘सफल’ प्रोजेक्ट की तरह ही मानता आ रहा है।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)





