[फोटो] [English] 2 अक्टूबर को अहिंसा के पुजारी पूज्य महात्मा गांधी जी के जन्मदिवस के अवसर पर अनेक धर्मनिरपेक्ष दलों, बुद्धिजीवियों और आम जनता ने सांप्रदायिक ताकतों को उखाड़ फेकने के लिए, विधान सभा के सामने आयोजित आम सभा में भाग लिया। "ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सबको सनमति दे भगवान" पंक्तियों से सभा का आरंभ हुआ।
महिला एवं बच्चों पर केन्द्रित होगा इस साल का विश्व हृदय दिवस
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| डा ऋषि सेठी, ह्रदय रोग विभाग, केजीएमयू |
अधिक लोगों की हो सकेगी 2 घंटे के अंदर टीबी की पक्की जांच
2 घंटे के अंदर टीबी की पक्की जांच और 'रीफ़ेंपीसीन' दवा प्रतिरोधकता की जांच अब अधिक लोग करा सकेंगे क्योंकि अनेक "जीन एक्सपर्ट" मशीन भारत एवं अन्य देशों में लग रही हैं। 'यूनिटऐड' नमक संस्था ने विश्व में सबसे अधिक संख्या में जीन एक्सपर्ट मशीन लगाने का कदम उठाया है जिससे अनुमान है कि 62,000 जीवन टीबी से बचाए जा सकेंगे।
सांप्रदायिक ध्रुवीकरण
[English] सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया), रिहाई मंच और जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जैसे ही यह प्रतीत होना शुरू हुआ कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने ८४ कोसी परिक्रमा से निपटने के लिए सराहनीय कदम उठाये हैं और मुसलमानों की नज़रों में उनका कद कुछ ऊँचा हुआ, वैसे ही मुज़फ्फरनगर में दंगे शुरू हो गए. इन दंगों ने सपा सरकार की छवि पर बहुत बुरा प्रभाव डाला है. खून की वह विनाशकारी उल्टी....
[English] यह घटना 1997 की है। उत्तराखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस विभाग में ड्राइवर के पद पर नियुक्त, 48 वर्षीय दीपक अपनी पत्नी और 3 बच्चों के साथ एक खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा था। तभी अचानक एक दिन उसे खून की उल्टी हुई। डॉक्टर ने उसकी छाती के एक्स-रे के आधार पर उसे बताया कि उसे फेफड़े की टीबी है। मुफ्त टीबी इलाज के सरकारी कार्यक्रम डॉट्स (डाइरेक्ट्ली ओब्सर्वड ट्रीटमंट,शॉर्ट-कोर्स) के अंतर्गत दीपक ने 6 महीने तक अपना टीबी उपचार कराया जिससे उसकी तबीयत में काफी सुधार आया। इलाज पूरा करने के बाद वह डेढ़ साल तक बिलकुल ठीक रहा। इसी बीच उसका तबादला रामगढ़ से उत्तर काशी हो गया। वहाँ उसकी तबीयत एक बार फिर से ख़राब हो गयी और उसे एक बार फिर खून की उल्टी हुई। उत्तर काशी में उसका टीबी का इलाज एक बार फिर शुरू हुआ। पर इस बार उसने अपने उपचार में बहुत लापरवाही दिखाई। यहाँ तक कि वह अपनी दवाइयों का भी नियमित रूप से सेवन नहीं करता था। इस बीच उसका तबादला उत्तर काशी से श्रीनगर हो गया।
कवल भारती की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला है
लेखक कवल भारती की कल हुई गिरफ्तारी के विरोध में लखनऊ विधान सभा मार्ग स्थित अम्बेडकर भवन में विभिन्न जन संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, लेखकों, साहित्यकारों, रंगकर्मियों एवं पत्रकारों का जमावड़ा हुआ। पूर्व राज्यपाल माता प्रसाद के नेतृत्व में कवल भारती की गिरफ्तारी के विरोध में, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हुए हमले के विरोध में अम्बेडकर भवन से हजरतगंज स्थित अम्बेडकर प्रतिमा तक सैकड़ों समाजिक कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च किया।
युवाओं ने शांति, परमाणु निशास्त्रिकरण और पुनर्प्राप्य ऊर्जा का दिया संदेश
[ऑनलाइन पोस्टर प्रदर्शनी देखें] [English] ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज, लोरेटो कॉन्वेंट इंटर कॉलेज, क्राइस्ट चर्च इंटर कॉलेज, सिटी मोंटेसरी स्कूल, लखनऊ विश्वविद्यालय, राम स्वरुप स्मारक पब्लिक
स्कूल, डैबल कॉलेज, डैफोडिल्स कॉन्वेंट इंटर कॉलेज, इरम इंटर कॉलेज,
यूनिटी कॉलेज, बाल भारती स्कूल, शेरवुड कॉलेज, अरविन्द अकादेमी, नवयुग
पब्लिक स्कूल, स्प्रिंग डेल कॉलेज, अवध विश्वविद्यालय आदि शैक्षिक
संस्थानों के छात्रों द्वारा “जापान से सीख” विचार पर बनाए हुए पोस्टर आज
हिरोशिमा दिवस के उपलक्ष्य में लखनऊ स्थित डेफोड़िल्स
कान्वेंट इंटर कॉलेज में प्रदर्शित किए गए।दुर्गा शाक्ति नागपाल के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान
श्रीमती दुर्गा शाक्ति नागपाल के समर्थन में तथा खनन माफियाओं को उखाड़ फेकने के लिए चलाये गये एक हस्ताक्षर अभियान में, आम नागरिको ने कहा कि परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी दुर्गा नागपाल, एसडीएम नोएडा, उप्र का निलंबन दबाव में और जल्दबाजी में लिया गया निर्णय है। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को भी एक पत्र लिखकर मांग किया कि दुर्गा नागपाल का निलंबन तत्काल वापस लिया जाये। ईमानदार महिला अधिकारी की नियति का सम्मान करते हुए कोई निर्णय लिया जाना चाहिए था। एक नवागत अधिकारी के सकारात्मक प्रयास पर निलंबन उसके सम्पूर्ण सेवाकाल पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा।
सुरक्षित एवं स्वास्थ्य-वर्धक चूल्हे को चुने
विश्व में 3 अरब से अधिक लोग रोजाना भोजन बनाने के लिए लकड़ी, कोयले या अन्य प्रकार के ठोस ईंधन का प्रयोग करते हैं जिनके कारणवश जानलेवा रोग होने का खतरा अनेक गुना बढ़ता है। ग्लोबल बर्डन ऑफ डीजीस रिपोर्ट के अनुसार, 40 लाख मृत्यु प्रति-वर्ष सिर्फ भोजन बनाने के लिए ठोस ईंधन के इस्तेमाल से होती हैं। भारत में 10 लाख मृत्यु प्रति वर्ष इसी कारण से होती हैं, जिसके बावजूद भारत सरकार ने सुरक्षित और स्वास्थ्य-वर्धक चूल्हों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। यह केंद्रीय विचार था आज सी-2211 इन्दिरा नगर स्थित प्रोफेसर (डॉ) रमा कान्त केंद्र पर आयोजित मीडिया संवाद का। इसको स्वास्थ्य को वोट अभियान, सीएनएस, आशा परिवार, और जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय ने आयोजित किया था।
राजनीतिक दलों को अनुशासित करने की कोशिशें
इधर तीन ऐसे फैसले आ गए हैं जिन्होंने राजनीतिक दलों की स्वच्छंद कार्यशैली पर कुछ अंकुश लगाने की मंशा व्यक्त की है। इससे तेज बहस छिड़ गई है और राजनीतिक दल किसी भी किस्म के अनुशासन में बंधने को तैयार नहीं दिखते। किन्तु जनता की सोच अलग है।
वास्तविक और आदर्श सेवाओं में अंतर दर्शाते हैं - डबल्यूएचओ के नए एचआईवी दिशानिर्देश
[English] मलेशिया में सम्पन्न हुई एड्स विज्ञान से संबन्धित अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन में, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एचआईवी के उपचार और बचाव के लिए नए दिशानिर्देश (गाइडलाइंस) जारी किए। यह डबल्यूएचओ दिशानिर्देश अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यदि इन्हें एड्स कार्यक्रमों में ईमानदारी से लागू किया जाये तो एचआईवी के साथ जीवित लोगों के जीवन में बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है - वें स्वास्थ रह सकते हैं, सामान्य जीवनयापन कर सकते हैं, और संक्रमण की रोकधाम में भी वांछनीय असर पड़ेगा। "कमीशनखोरी की व्यवस्था को बंद करने की गारंटी दें मुख्य मंत्री": संदीप पाण्डेय
नाभिकीय मुक्त दुनिया की ओर
यह पुस्तक वस्तुतः तीन स्वतंत्र अध्यायों का संकलन है। पहले अध्याय में भारतीय नाभिकीय तंत्र के बारे में तथ्यात्मक जानकरी प्रस्तुत है। यह जानकारी उपलब्ध साहित्य एवं भारत सरकार के नाभिकीय विद्युत कार्पोरेशन की वेबसाइट आदि से संग्रहित की गयी है। इस अध्याय में दी गयी चीजों को समझना किसी गैर-वैज्ञानिक या प्रोद्योगिकीय पृष्ठभूमि के व्यक्ति के लिए कठिन हो सकता है। शायद विद्यालय स्तर के विज्ञान की पुस्तक का सहारा लेना पड़े। किन्तु इस अध्याय को पढे़ बिना भी आगे के दो अध्याय पढे़ जा सकते हैं। दूसरे अध्याय में नाभिकीय विषय से संबन्धित प्रचलित भ्रमों का स्पष्टीकरण दिया गया है। नाभिकीय विषय की समझ बनाने की द्रष्टि से यह अध्याय सबसे महत्वपूर्ण है। तीसरे अध्याय में देश में नाभिकीय विरोधी आन्दोलनों का प्रस्तुतीकरण है।
एनसीसी कैडेट ने तंबाकू का सेवन न करने का वचन दिया
[Photographs] 20वीं यूपी गर्ल्स बटैलियन के 300 से अधिक एनसीसी कैडेट ने वचन दिया कि वें तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे, अन्य लोगों को भी तंबाकू से दूर रहने में मदद
करेंगे और जो लोग तंबाकू व्यसनी हैं उनकी तंबाकू नशा त्यागने में मदद
करेंगे। आर्मी कैंट में हुए और स्वास्थ्य को वोट अभियान एवं 20वीं यूपी
गर्ल्स बटैलियन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ
सर्जन और विश्व स्वास्थ्य संगठन के अंतर्राष्ट्रीय पुरुस्कार प्राप्त सर्जन प्रोफेसर (डॉ) रमा कान्त विशिष्ट वक्ता थे और 20वीं यूपी गर्ल्स बटैलियन के कमांडिंग ऑफिसर केबी गुरुंग और लेफ्टिनेंट कर्नल पीएस दसौनी ने अध्यक्षता की।
जमीनी स्तर पर लोकतंत्र साकार करने हेतु
भारत की केन्द्रीकृत राजनीतिक व्यवस्था हमारे यहां भ्रष्टाचार एवं अपराधीकरण के लिए दोषी है. संविधान में 73वें व 74वें संषोधन के उपरांत स्थानीय स्वशासन का जो स्वरूप सामने आना चाहिए था, जिसके अंतर्गत जनता की निर्णय प्रक्रिया में सीधी भागीदारी हो सकती थी, उसे हमारे मुख्य धारा के दल और नौकरशाही, जिनका अब केन्द्रीकृत व्यवस्था में निहित स्वार्थ है, साकार नहीं होने दे रहे. स्वामी अग्निवेश के जंतर मंत्र स्थित कार्यालय में सम्पन्न हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई जिसमें देश के अनेक प्रगतिशील और सर्वजन-हितैषी व्यक्तियों और दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सूचना अधिकार अधिनियम सेक्शन 4(1)(बी) और जनता सूचना केंद्र पर संवाद
[English] टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज, मुंबई में पढ़ाई कर रहे शैलेन्द्र कुमार और आशा परिवार के साथ जुड़े कार्यकर्ता मुदित शुक्ला ने सूचना का अधिकार अधिनियम, २००५ की धारा ४ (१)(बी) के उत्तर प्रदेश में अनुपालन की स्थिति और प्रदेश में जनता सूचना केन्द्रों के बारे में लोहिया मजदूर भवन, नरही में एक व्याख्यान दिया और प्रेस वार्ता संबोधित की। खालिद मुजाहिद की हत्या के लिए हमारी व्यवस्था दोषी
बेहतर अस्थमा प्रबंधन से बच सकती है जान
इंटरनेशनल यूनियन अगेन्स्ट टूबेर्कुलोसिस एंड लंग डिज़ीज़ (द यूनियन) और बाल अस्थमा और एलर्जी द्वारा प्रकाशित ग्लोबल अस्थमा रिपोर्ट 2011 के अनुसार अस्थमा विश्व के 23.5 करोड़ लोगों को प्रभावित करता है और पिछले 30 वर्षों से विशेषकर निम्न और मध्यम आय वाले देशों में अस्थमा का बोझ लगातार बढ़ रहा है। लखनऊ के वरिष्ठ श्वास-रोग विशेषज्ञ डॉ बीपी सिंह कहते है कि “हमारे क्लीनिक पर आने वाले कुल मरीज़ो मे से 27% अस्थमा के और 26% सीओपीडी के होते हैं जिसके आधार पर हम यह कह सकते हैं कि यहाँ पर प्रतिदिन 27-28 अस्थमा से पीड़ित रोगी आते हैं”।
जन स्वास्थ्य के खिलाफ है सिगरेट और सिगार पर टैक्स कटौती
उत्तर प्रदेश सरकार ने जन स्वास्थ्य के विपरीत जाकर सिगरेट और सिगार पर वैट (VAT) कर को 50% से 25% करने का निर्णय लिया है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार तंबाकू कर में वृद्धि तम्बाकू का सेवन रोकने एवं उसका सेवन कर रहे लोगों को छोड़ने में मदद करने का एक प्रभावशाली तरीका था। यह तंबाकू से हो रहे अधिकांश गैर संक्रामक रोग जैसे हृदय रोग और स्ट्रोक, कैंसर, और अन्य तंबाकू जनित बीमारियों के दर को कम करने में मददगार साबित होगा। यह सी- ब्लॉक, इन्दिरा नगर स्थित डेबल कॉलेज में आयोजित ‘स्वस्थ्य को वोट’ कार्यक्रम का केंद्रीय संदेश था। डेबल कॉलेज की प्रधानाचार्या सुश्री बैनर्जी ने स्वास्थ्य को वोट अभियान को समर्थन दिया।
“युवा तम्बाकू सेवन आरम्भ न करें”: प्रो0 डॉ0 रमा कान्त
चीन से आयात बंद हो: सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) की मांग
भारतीय सीमा में चीन के अनाधिकृत पैठ के संदर्भ में, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने मांग की है कि भारत सरकार तुरंत चीन से सभी प्रकार के आयात बंद करे। हमारे बाज़ारों में चीनी समान भरा हुआ है, जैसे कि बनारसी साड़ियाँ, होली की पिचकारियाँ, गरम कपड़े, मूर्तियाँ, विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रोनिक समान, आदि। हम किसी भी प्रकार के सैन्य प्रतिक्रिया का समर्थन नहीं करते हैं और हमारा मानना है कि यह मुद्दा दो-पक्षीय संवाद से सुलझाया जाये। परंतु हमारा पूरा समर्थन है उन नीतियों को जो लघु और मध्यम वर्गीय उद्योग और अन्य कारीगरों के बाज़ार की रक्षा करे। इस तरह के निर्णय से भारत की अर्थ-व्यवस्था जमीनी स्तर पर मजबूत होगी। चीन से आयात को बंद करके और स्वदेसी लघु और माध्यम वर्गीय उद्योग और कारीगरों के बाज़ार को बढ़ावा दे कर हमारा दोहरा लाभ होगा और चीन पर भी दबाव बनेगा कि वो अंतर्राष्ट्रीय सरहदों को सम्मान दे।
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