बदलाव के लिए एस.आर.दारापुरी

बदलाव के लिए एस.आर.दारापुरी

लोक राजनीति मंच के लखनऊ संसदीय छेत्र के प्रत्याशी एस.आर.दारापुरी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व पुलिस महानिरीक्षक का संछिप्त परिचय:

एस.आर.दारापुरी – १९७२ बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आई.पी.एस अधिकारी रहे हैं. इसके पूर्व शिक्षक, राष्ट्रीय बचत संगठन, वित्त मंत्रालय एवं कस्टम विभाग (भारत सरकार) में सेवारत रहे. इस प्रकार उन्हें लगभग ४० वर्षों का प्रशासनिक अनुभव प्राप्त है. सेवा में रहते हुए जनपक्षीय, इमानदार एवं कुशल प्रशासनिक छमता का परिचय दिया. सेवा निवृत्ति के उपरांत एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में मानवाधिकार, दलित, अल्पसंख्यक, पिछडों, महिला, मजदूर, बुनकरों, किसानों, छात्रों, नौजवानों, के अधिकारों के लिए व गरीब एवं वंचित समुदाय के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत हैं. वर्त्तमान में विभिन्न सामाजिक/ राजनीतिक मंचों/ संगठनों जैसे:

१. उपाध्यक्ष – पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबरटीस (पी.यु.सी.एल), उत्तर प्रदेश
२. उपाध्यक्ष – डॉ आंबेडकर महासभा
३. राज्य समन्वयक – लोक राजनीति मंच, उत्तर प्रदेश
४. सदस्य – संयोजक मंडल, जनसंघर्ष मोर्चा, उत्तर प्रदेश
५. सदस्य – सूचना का अधिकार अभियान समिति, उत्तर प्रदेश
६. संयोजक – दलित मुक्ति मोर्चा
७. संयोजक – वर्ल्ड कांफ्रेंस ऑन रिलिजन एंड पीस, लखनऊ शाखा
८. सदस्य – भोजन का अधिकार समिति, उत्तर प्रदेश
९. राज्य प्रतिनिधि – एशियन सेण्टर फॉर ह्यूमन राइट्स
१०. अध्यक्ष – सोसाइटी फॉर प्रोमोटिंग बुद्धिस्ट नॉलेज

आदि में योगदान दे रहे हैं. हाल ही में आतंकवादी घटनायों में फसाए गए निर्दोष युवाओं के पक्ष में भूमिका निभाई.

हमारे मुख्य मुद्दे
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१. समता मूलक आर्थिक नीति बने ताकि गरीब और अमीर के बीच का फर्क ख़त्म हो.
२. प्राकृतिक संसाधनों (जल, जंगल, जमीन, खनिज आदि) पर जनता का अधिकार हो और इसे निजी कंपनियों को न सौंपा जाए.
३. शौपिंग माल बंद हों ताकि छोटे उत्पादक, खुदरा व्यापारी, फेरीवाले और पटरी दूकानदारों को खतरा पैदा न हो.
४. रोज़गार को मौलिक अधिकार बनाया जाए और रुपया ५००० प्रतिमाह बेरोज़गारी भत्ते की व्यवस्था की जाए
५. स्विस बैंक में जमा काला धन व देश के अन्दर मौजूद काले धन को चिन्हित कर जब्त किया जाए तथा इसके अपराधियों को चिन्हित कर दण्डित किया जाए. सभी प्रकार का भ्रष्टाचार रोका जाए.
६. महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण हेतु आवश्यक खाद्य वस्तुओं का अधिकतम मूल्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए.
७. सांसद निधि और विधायक निधि समाप्त की जाए.
८. 'सेज', शहरीकरण और औद्योगीकरण के नाम पर कृषि भूमि का अधिकरण बंद हो
९. कृषि नीति ऐसी हो कि किसान आत्महत्या और मजदूर भुखमरी से छुटकारा पा सकें. कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए.
१०. साम्प्रदायिकता और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर राजनीति बंद हो. सभी प्रकार की हिंसा (नाक्सालवाद, अलगाववाद और आतंकवाद) का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक हल ढूंढा जाए.
११. सूचना का अधिकार और राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी एक्ट को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए.
१२. महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा और उनके उत्पीड़न पर रोक लगे.
१३. कोठारी आयोग की सिफारिशों के अनुसार देश में समान शिक्षा प्रणाली लागू हो. शिक्षा के निजीकरण और व्यवसायीकरण पर रोक लगे.
१४. सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ के चुनाव लिंघदोह कमिटी की सिफारिशों के अनुसार कराएँ जाएँ.
१५. वास्तविक गरीबों को बी.पी.एल कार्ड मिलें ताकि वे शहरी गरीब आवास योजना के पात्र बन सकें.
१६. शहर केंद्रित विकास की नीति बदल कर गाँव में रोज़गार के अवसर पैदा किए जाएँ ताकि ग्रामीण छेत्र से पलायन रुक सके.
१७. यातायात की व्यवस्था सार्वजनिक हो ताकि निजी वाहनों के प्रयोग की कम से कम जरुरत पड़ें तथा ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को कम करने में हम योगदान दे सकें.
१८. वैकल्पिक उर्जा जैसे सौर उर्जा, बाओ उर्जा और पवन उर्जा को अपनाया जाए ताकि गाँव-गाँव में बिजली उपलब्ध हो सके
१९. स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण रोका जाए तथा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए.
२०. कानून के सामने सभी व्यक्ति बराबर हैं. अतिविशिष्ट व्यक्ति की श्रेणी समाप्त की जाए.
२१. भारत की विदेश नीति ऐसी बने कि पड़ोसी देशों के साथ दोस्ती और शान्ति स्थापित हो. रक्षा बजट कम कर आपसी विश्वास के आधार पर सुरक्षा स्थापित की जाए.
२२. पुलिस को कार्य स्वतंत्रता देने और उत्तरदायी बनाने के लिए पुलिस सुधार तुंरत लागू किए जाएँ
२३. यूरोपियन यूनियन की तरह दक्षिण एशिया संघ बने ताकि लोग पासपोर्ट के बिना सभी देशों में आ जा सकें.
२४. विशेष अवसरों का दायरा सरकारी नौकरी और शिक्षा से ज्यादा बढाया जाए और आरक्षण के साथ अन्य औजार भी जोडें जाएँ.
२५. डॉ बी.आर.आंबेडकर के जातिविहीन एवं वर्गविहीन समाज की स्थापना के सपने को जल्दी से जल्दी साकार किया जाए ताकि देश में सही मायनों में लोकतंत्र की स्थापना हो सके
२६. सभी मुकदमों का फ़ैसला निश्चित समय सीमा में हो.
२७. बच्चों के अधिकारों से सम्बंधित कानून अक्षरश: लागू हों

निवेदक
कुलदीप नैयर, जस्टिस राजिंदर सच्चर, सुरेन्द्र मोहन, मेधा पाटकर, अरुणा रॉय, स्वामी अग्निवेश, बनवारी लाल शर्मा, ब्रह्मदेव शर्मा, शमशेर सिंह बिष्ट, रविकिरण जैन, योगेन्द्र यादव, डॉ रूपरेखा वर्मा, डॉ संदीप पाण्डेय

लखनऊ के लिए हमारे मुद्दे:
- सभी गरीबों को पक्के सस्ते मकान उपलब्ध कराये जाएँ
- झुग्गी झोंपड़ी वासियों के पुनर्वास की व्यवस्था हो जाने पर ही उन्हें हटाया जाए
- पटरी दुकानदारों, गुमटी वालों के लिए सस्ती पक्की बाज़ार बनाई जाए
- सभी बस्तियों में बिजली, पानी, नाली व सड़क की व्यवस्था की जाए
- रिक्शा चालकों के लाईसेन्स बनाने में तथा ऑटो चालकों से अवैध वसूली रोकी जाए
- गोमती नदी की सफाई हेतु अलग से एक एजेन्सी बनाई जाए
- मेट्रो रेल सेवा को दो साल में चालू किया जाए और शहरी सार्वजनिक यातायात की सुविधाएँ सस्ती व बेहतर बनाई जाएँ
- लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहर का संप्रदायीकरण एवं विद्रूपण रोका जाए

संपर्क
- एस.आर.दारापुरी, १८/४५५, इंदिरा नगर, लखनऊ - २२६०१६
फ़ोन: ०५२२ २३५४६६१, मोबाइल ९४१५१६४८४५
ईमेल: srdarapuri@yahoo.co.in

- डॉ संदीप पाण्डेय, अ-८९३, इंदिरा नगर, लखनऊ - २२६०१६
फ़ोन: ०५२२ २३४७३६५, ईमेल: ashaashram@yahoo.com

ऑफिस:
नवीन – ८३, हलवासिया मार्केट, हजरतगंज, लखनऊ. फ़ोन: ०५२२ ३०१२३८५

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