भारत के चार शहरों में निकोटिन स्तर मापने के लिए यंत्र लगेंगे

भारत के चार शहरों में निकोटिन स्तर मापने के लिए यंत्र लगेंगे

सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सार्वजनिक स्थानों पर निकोटिन मापने के लिए यंत्रों को लगाने का निर्णय लिया है.

तम्बाकू उत्पादनों में निकोटिन पदार्थ पाया जाता है जिसके कारणवश लोगों को तम्बाकू का नशा हो जाता है.

जिन जगहों पर, विशेषकर कि भवनों में, जहाँ निकोटिन की मात्रा अधिक पायी जायेगी, उन पर भारत के सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पादन अधिनियम (२००३) (The Cigarettes and Other Tobaccoproducts Act २००३) के उलंघन के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उचित कानूनी करवाई होगी.

विश्व-प्रसिद्ध जॉन होप्किंस विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मत्रालय को इन निकोटिन-मापक यंत्रों को स्थापित करने में मदद कर रहे हैं.

भारत के चार शहरों में, जिनमें दिल्ली, अहमदाबाद, चंडीगढ़ और चेन्नई शामिल हैं, ये यन्त्र लगाये जा रहे हैं. इन शहरों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि कैसे निकोटिन की मात्र मापी जायेगी और रपट की जायेगी.

इन चारों शहरों में से हर शहर को १६० ऐसे निकोटिन मापने के यंत्र मिले हैं.

जो आक्डें इन यंत्रों द्वारा प्राप्त होंगे, उनको जॉन होप्किंस विश्वविद्यालय भी भेजा जाएगा. इन चारों शहरों में प्रति शहर ऐसी प्रयोगशालाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा जहाँ इन आक्डों का विश्लेषण हो सके.

ऐसा भारत में पहली बार हो रहा है कि शहरों को धूम्रपान रहित बनाने के लिए, निकोटिन यंत्रों का इस्तिमाल किया जा रहा है.

यह ब्लूमबर्ग के आर्थिक सहयोग से सम्भव हो पाया है.

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