तपेदिक या टीबी समाचार सारांश: ७ मई २००८

तपेदिक या टीबी समाचार सारांश
७ मई २००८

पिछले महीनों में युगांडा में ग्लोबल फंड के पैसे को, जो एड्स, टीबी या तपेदिक और मलेरिया नियंत्रण के लिये आया था, कुछ संस्थाओं ने और व्यक्तियों की मिलीभगत से हजम कर लिया गया था। मई २००८ के प्रारम्भ में युगांडा सरकार ने यह कहा कि इन लोगों के ख़िलाफ़ कानूनी करवाई करने के लिये उसके पास धन राशी नही है। परन्तु कल ६ मई २००८ को युगांडा के एकजिले के मजिस्ट्रेट ने कहा कि वह इन लोगों के ख़िलाफ़ कानूनी करवाई करेगा और इनको गिरफ्तार भी। ऐसा शायद इसलिए भी हुआ हो क्योकि युगांडा को पुन: ग्लोबल फंड का पैसा मिल गया है।

वहीं कैलिफोर्निया में गाय-भैंस में होने वाली टीबी या तपेदिक का दर बढ़ता जा रहा है। यह भी देखने में आया है कि मनुष्यों को भी यही टीबी या तपेदिक ग्रसित कर रही है, खासकर कि हिस्पनिक लोगों को मेक्सिको से आए हैं। यह लोग इन टीबी या तपेदिक ग्रसित गाय-भैंस का कच्चा या बिना पस्तयूरिज़े किया हुआ दूध पीते हैं।

गाय-भैंस में होने वाली टीबी या तपेदिक मनुष्य को या तो पशु से सम्पर्क से या कच्चा दूध पीने से ही फैलती है। पस्तयूरिज़े दूध पीने से मनुष्य को यह टीबी या तपेदिक होने का खतरा नही होता है।

नैजेरिया में जिन लोगों को टीबी या तपेदिक है और वो एच.आई.वी से भी ग्रसित हैं, उनका दर बढ़ता जा रहा है। २५ प्रतिशत ऐसे लोगो हैं जिनको टीबी और एच.आई.वी दोनों है. यह इसलिए भी हो रहा है क्योकि अब जो लोगो एच-आई.वी की चिकित्सकिये देखभाल के लिये अस्पताल आते हैं, उनको टीबी या तपेदिक की जांच कराने के लिये प्रेरित किया जाता है। यदि उनमें सक्रिय टीबी या तपेदिक न निकले तो उनको इसोनिअजिद (INH ) ठेराप्य पर रखा जाता है, जिसके ६ माह उपरांत इनको टीबी या तपेदिक होने का खतरा नगण्य हो जाता है।

एक प्रारंभिक शोध में यह भी स्थापित हुआ है कि एयर फिल्टर इस्तेमाल करने से टीबी या तपेदिक जैसे रोगों के फैलने पर अंकुश लग सकता है। यह लाभकारी उपलब्धि होगी क्योकि इन्फेक्शन कंट्रोल या संक्रमण के नियंत्रण के लिये अस्पतालों में, और अन्य स्थानों पर जहाँ रोगी इक्काठ्ठे होते हैं, वहाँ संक्रमण को नियंत्रित करने की बहुत आवश्यकता है जिससे रोग आपस में न फैले।

अमरीका के मिन्नेसोता में गाय-भैंस में टीबी या तपेदिक नियंत्रण के लिये जो निति बनी थी, उसको कानूनी अधिनियम में परिवर्तित कर दिया गया है। अब कानूनन १५ जुलाई तक किसानों को दीद पर हस्ताक्षर करने होंगे कि यदि उनके गाय-भैंस को टीबी या तपेदिक निकली तो उन पशुओं को मार दिया जाएगा, और किसान को अमरीकी डालर ५०० हर्जाना दिया जाएगा।

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