मणिपुर में मानवाधिकार कार्यकर्ता गिरफ्तार

मणिपुर में मानवाधिकार कार्यकर्ता गिरफ्तार
एमनेस्टी इंटरनेशनल इम्फाल ग्रुप

नाम: सपं कंग्लेइपल मिटी (२७ वर्षीया)
(सपम्चा कंग्लेइपल के नाम से भी जाना जाता है)

पिता का नाम: सपं श्यामसुंदर मीटी

पता: नोंगादा थोंग्खोंग, इम्फाल पूर्व, लम्लाई पोलिस स्टेशन, मणिपुर के छेत्र में

कार्य: सामाजिक कार्यकर्ता और अध्यक्ष, मणिपुर फोरवर्ड यूथ फ्रंट (MAFYF) या मणिपुर प्रगतिशील युवाओं का मोर्चा

हादसे की तारीख: मई २००८

हादसे का स्थान: मणिपुर प्रेस क्लब, इम्फाल

आरोपी: मणिपुर पोलिस, इम्फाल पोलिस स्टेशन और मणिपुर शहर की पोलिस, इम्फाल और मणिपुर पोलिस के कमांडो

हादसे का विवरण:
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मणिपुर पोलिस ने सपम्चा कंग्लेइपल मीटी को गिरफ्तार कर लिया है. सपम्चा मणिपुर के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं जो मणिपुर की राजधानी इम्फाल में "शहरियों को यदि अस्त्र-शास्त्र दे दिए जाए तो उसका मणिपुर में परिणाम क्या होगा" के विषय पर एक परिचर्चा को आयोजित कर रहे थे. सपम्चा ने अपने उदबोधन में मणिपुर के मुख्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी.

मई २००८ को प्रेस क्लब से सपम्चा को पोलिस ने गिरफ्तार कर लिया. श्री मुनन और श्री खोम्दन पोलिस टीम का नेतृत्व कर रहे थे और जबरन उन्होंने एक स्थानिये केबल टीवी नेट्वोर्क (ISTV) का सजीव प्रसारण रुकवाया.

यह परिचर्चा इसलिए आयोजित की गई थी क्योकि पीपुल रेवोलुशनारी पार्टी ऑफ़ कन्ग्लेइपक (प्रेपक), जो कि एक अस्त्र-शास्त्र-से-लैस विपक्षी संगठन है, उसने २४ मार्च २००८ को एक स्थानीय नृत्य (थाबल चोंग्बा) के दौरान, थौबल जिले में, दो लड़कियों और एक लड़के को गोली से मार दिया था, और एक अन्य लड़की की आँख को जख्मी कर उसको अँधा बना दिया था.

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के विरोध में, स्थानीय लोगों ने जिला प्रसाशन से अस्त्र-शास्त्र के लाइसेंस की मांग की थी. अन्य गावं ने भी अस्त्र-शास्त्र के लाइसेंस की मांग कि थी. सरकार ने एन दोनों गावं में लगभग ५०० लाइसेंस देने का वादा किया था. मई २००८ से नए अस्त्र-शास्त्र लाइसेंस प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी.

जैसे ही मई २००८ को सपम्चा ने अपना उदबोधन समाप्त किया, पोलिस के कमांडो ने उसको गिरफ्तार करने का प्रयास किया परन्तु सपम्चा ने पुन: मंच पर के सभी प्रतिभागियों को स्तिथि से अवगत कराया. मंच पर आसीन वकील ने पोलिस को सावधान किया कि कोई भी गैर-कानूनी कार्य करें. पोलिस ने करवाई को तुरंत रोक दिया और सभा को समाप्त होने दिया.

सभा समाप्त होते ही सपम्चा को गिरफ्तार कर लिया गया.

सपम्चा ने गिरफ्तारी से पहले मीडिया से यह कहा था कि

"यदि लोकतंत्र में सरकार द्वारा लिए गए निर्णय पर कोई परिचर्चा नही हो सकती है तो ऐसे लोकतंत्र के क्या माएने हैं?"

कृपया कर के सपम्चा के रिहाई की अपील करें,


जिनिने
समन्वयक
एमनेस्टी इंटरनेशनल इम्फाल ग्रुप

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