मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों ने लिया तम्बाकू न खाने का संकल्प

दैनिक आज, लखनऊ, बुधवार, १4 मई २००८


२० लोगों ने लिया तम्बाकू न खाने का संकल्प

कल विश्व स्वास्थ्य संगठन की नशा उन्मूलन क्लिनिक तथा कई अन्य संगठनों ने तम्बाकू से होने वाली जानलेवा बिमारिओं पर पोस्टर प्रदर्शनी और आन-स्पॉट नशा छोड़ने के लिए परामर्श अभियान का आयोजन आशा सामाजिक विद्यालय में किया जो कि गोमती नदी के किनारे मलिन बस्ती में स्थित है।

कार्यक्रम के दौरान अभिनव भारत फाउंडेशन के प्रवक्ता राहुल द्विवेदी ने बताया कि "प्रभावकारी तम्बाकू नियंत्रण के लिए यह जरूरी है कि तम्बाकू नियंत्रण संधियों का सही तरीके से पालन हो"।

इस कार्यक्रम में स्कूल के करीब १०० बच्चों ने जो कि इन मलिन बस्तियों में रहतें हैं के साथ-साथ उनके माता-पिता तथा आस - पास के और भी लोगों ने भाग लिया । कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्कूलों और विश्वविद्यालयों के जन-स्वास्थ्य विभाग के छात्रों ने भी भाग लिया जिनमें अलोक द्विवेदी , हिमांशु कुमार, सारिका त्रिपाठी आदि प्रमुख थे।
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आई - नेक्स्ट, लखनऊ, बुधवार, १4 मई २००८

मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों ने लिया तम्बाकू न खाने का संकल्प

हर साल ५० लाख से अधिक लोग तम्बाकू जनित जानलेवा बिमारिओं की वजह से मौत के शिकार हो जातें हैं। यदि तम्बाकू का सेवन इसी तरह से बढ़ता रहा तो २०३० तक यह अनुपात करीब ८० लाख हो जाएगा।

तम्बाकू मृत्यु का विश्व का चौथा सबसे बड़ा कारण है। यह जानकारी 'इंडियन सोसिएटी अगेन्स्ट स्मोकिंग ' के कार्यक्रम समन्वयक रितेश आर्या ने दी जो कि कुछ साल पहले तक ख़ुद भी तम्बाकू का सेवन करते थे।

कार्यक्रम में तम्बाकू से होने वाली जानलेवा बिमारिओं पर पोस्टर प्रदर्शनी और आन स्पॉट नशा छोड़ने के लिए परामर्श अभियान का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्कूलों और विश्व विद्यालयों के जन स्वास्थ्य विभाग के छात्रों - अलोक द्विवेदी , हिमान्सू कुमार, सारिका त्रिपाठी आदि - ने भी भाग लिया।
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अमर उजाला, लखनऊ, बुधवार, १4 मई २००८

तम्बाकू नियंत्रण कानूनों का सही तरीके से पालन हो: प्रो० रमाकांत

तम्बाकू नियंत्रण कानूनों का सही तरीके से पालन से तम्बाकू के प्रयोग पर नियंत्रण पाया जा सकता है। यह जानकारी 'इंडियन सोसिएटी अगेन्स्ट स्मोकिंग ' के अध्यक्ष प्रो० रमाकांत ने दी। ।हर साल ५० लाख से अधिक लोग तम्बाकू जनित जानलेवा बिमारिओं की वजह से मौत के शिकार हो जातें हैं।

कल विश्व स्वास्थ्य संगठन की नशा उन्मूलन क्लिनिक तथा कई अन्य संगठनों ने तम्बाकू से होने वाली जानलेवा बिमारिओं पर पोस्टर प्रदर्शनी और आन स्पॉट नशा छोड़ने के लिए परामर्श अभियान का आयोजन आशा सामाजिक विद्यालय में जो कि गोमती नदी के किनारे मलिन बस्ती में स्थित है किया गया ।

यदि तम्बाकू का सेवन इसी तरह से बढ़ता रहा तो २०३० तक यह अनुपात करीब ८० लाख हो जाएगा। तम्बाकू विश्व का चौथा सबसे बड़ा कारण है, लोगों की मौत का। कार्यक्रम में तम्बाकू से होने वाली जानलेवा बिमारिओं पर पोस्टर प्रदर्शनी और आन स्पॉट नशा छोड़ने के लिए परामर्श अभियान का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्कूलों और विश्व विद्यालयों के जन स्वास्थ्य विभाग के छात्रों - अलोक द्विवेदी , हिमान्सू कुमार, सारिका त्रिपाठी आदि - ने भी भाग लिया।
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वाइस ऑफ़ लखनऊ, लखनऊ, बुधवार, १4 मई २००८

२० लोगों ने लिया तम्बाकू न खाने का संकल्प

कल विश्व स्वास्थ्य संगठन की नशा उन्मूलन क्लिनिक तथा कई अन्य संगठनों ने तम्बाकू से होने वाली जानलेवा बिमारिओं पर पोस्टर प्रदर्शनी और आन स्पॉट नशा छोड़ने के लिए परामर्श अभियान का आयोजन आशा सामाजिक विद्यालय में जो कि गोमती नदी के किनारे मलिन बस्ती में स्थित है किया गया।

कार्यक्रम के दौरान अभिनव भारत फाउंडेशन के प्रवक्ता राहुल द्विवेदी ने बताया कि "प्रभावकारी तम्बाकू नियंत्रण के लिए यह जरूरी है की तम्बाकू नियंत्रण संधियों का सही तरीके से पालन हो। इस कार्यक्रम में स्कूल के करीब १०० बच्चों ने जो की इन मलिन बस्तियों में रहतें हैं के साथ-साथ उनके माता-पिता तथा आस - पास के और भी लोगों ने भाग लिया । कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्कूलों और विश्वविद्यालयों के जन स्वास्थ्य विभाग के छात्रों - अलोक द्विवेदी , हिमान्सू कुमार, सारिका त्रिपाठी आदि - ने भी भाग लिया।


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